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  • राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौकी मनियार में सड़क सुरक्षा क्विज़ व जागरूकता रैली का आयोजन

    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौकी मनियार में सड़क सुरक्षा क्विज़ व जागरूकता रैली का आयोजन

    विद्यालय के रोड सेफ्टी क्लब ने छात्रों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए क्विज़ प्रतियोगिता और रैली आयोजित की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    सड़क सुरक्षा अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम
    उप तहसील जोल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौकी मनियार स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिमाचल प्रदेश सरकार के सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोड सेफ्टी क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय परिसर में क्विज़ प्रतियोगिता और भव्य रैली का आयोजन किया गया।

    प्रधानाचार्य ने दिया सुरक्षा का संदेश
    कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसके बाद कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजीव रांगड़ा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात नियमों के पालन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट के उपयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

    ज्ञानवर्धक क्विज़ प्रतियोगिता
    सड़क सुरक्षा से संबंधित क्विज़ प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में ट्रैफिक संकेत, प्राथमिक उपचार, वाहन सुरक्षा उपकरणों और यातायात कानूनों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। विजेता टीमों को विद्यालय प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया।

    जागरूकता रैली से दिया संदेश
    क्विज़ के बाद विद्यालय से विशाल रोड सेफ्टी रैली निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों ने तख्तियां और बैनर लेकर सड़क सुरक्षा के संदेश दिए। रैली विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर आसपास के मार्गों से होती हुई पुनः स्कूल में संपन्न हुई। स्थानीय लोगों ने भी इस प्रयास की सराहना की।

    निरंतर जारी रहेंगे ऐसे अभियान
    विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया।

  • राज्यसभा में गूंजी रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग, क्षेत्रीय विकास पर जोर

    राज्यसभा में गूंजी रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग, क्षेत्रीय विकास पर जोर

    राज्यसभा में रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग उठाई गई। इस मार्ग को हमीरपुर और ऊना जिलों के लिए जीवन रेखा बताया गया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    राज्यसभा में उठी राष्ट्रीय राजमार्ग की मांग

    हमीरपुर से संबंध रखने वाले प्रदेश के राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने आज संसद के उच्च सदन में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और ऊना जिलों को जोड़ने वाले रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री का ध्यान इस महत्वपूर्ण मार्ग की ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लिए केवल संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि जीवन रेखा के समान है।

    मार्ग का सामरिक और क्षेत्रीय महत्व

    डॉ. सिकंदर कुमार ने जानकारी दी कि रंगस लठियानी मार्ग कांगू, धनेटा और बंगाणा होते हुए गुजरता है, जिसके अंतर्गत धनेटा से बंगाणा के बीच एक सुरंग के निर्माण का प्रस्ताव पहले से ही मौजूद है। लगभग 39 किलो मीटर लंबा यह मार्ग हमीरपुर और ऊना जिलों के सैकड़ों गांवों को सीधे तौर पर जोड़ता है और क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक एवं सामरिक महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह मार्ग सीमित संसाधनों के कारण अपेक्षित विकास से वंचित है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से संभावित लाभ

    यदि इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाता है, तो न केवल सड़क की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में आवागमन भी सुरक्षित, सुगम और तेज होगा। इससे स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। डॉ. सिकंदर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 503ए और राष्ट्रीय राजमार्ग 88 के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। इस कारण यह सड़क राज्य के आंतरिक संपर्क तंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    डीपीआर और सर्वेक्षणों का उल्लेख

    उन्होंने सदन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में भी इस क्षेत्र के लिए विभिन्न डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और सर्वेक्षणों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग बनने की सभी तकनीकी और प्रशासनिक संभावनाओं को पूरा करता है।

    धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

    डॉ. सिकंदर कुमार ने अपने संबोधन में इस मार्ग के धार्मिक और आर्थिक महत्व को भी विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रंगस–लठियानी मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच और अधिक आसान हो जाएगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आजीविका के नए साधन विकसित होंगे। उन्होंने बताया कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बालक नाथ मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सड़क की सीमित क्षमता और खराब स्थिति के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    रोजगार और व्यापार को नई गति

    राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र में पर्यटन आधारित ढांचे का विकास होगा, जिससे होटल, ढाबे, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आर्थिक दृष्टि से भी यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। डॉ. सिकंदर ने कहा कि इस सड़क के विकसित होने से स्थानीय किसानों, व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे क्षेत्रीय व्यापार को नई गति मिलेगी और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को बल मिलेगा।

    सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में सहायक

    उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने के लिए निर्धारित मापदंडों, जैसे पिछड़ा क्षेत्र विकास, दो महत्वपूर्ण केंद्रों को जोड़ना और यातायात की संभावनाएं, को पूरी तरह से पूरा करता है। प्राकृतिक आपदाओं और सुरक्षा आवश्यकताओं के समय त्वरित आवागमन में सहायक सिद्ध हो सकती है। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में मजबूत सड़क नेटवर्क न केवल विकास बल्कि सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

    केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील

    डॉ. सिकंदर कुमार ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही इस जायज मांग को स्वीकार किया जाए और रंगस–लठियानी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि इसके निर्माण एवं उन्नयन के लिए आवश्यक बजट का प्रावधान इसी वित्त वर्ष में किया जाए, ताकि वर्षों से इंतजार कर रही जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल जन अपेक्षाओं के अनुरूप होगा, बल्कि प्रधानमंत्री के “सड़क से समृद्धि” के विजन को भी साकार करेगा। अब क्षेत्र की जनता को केंद्र सरकार के सकारात्मक निर्णय का इंतजार है, जिससे विकास की यह महत्वपूर्ण कड़ी जल्द ही नई पहचान प्राप्त कर सके।

  • तलमेहड़ा स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते शिक्षक

    तलमेहड़ा स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते शिक्षक

    पंचायत खरयालता के तलमेहड़ा स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    तलमेहड़ा स्कूल में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    खेलकूद गतिविधियों को विद्यालय में मिल रहा विशेष महत्व

    उप तहसील जोल के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलमेहड़ा में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विद्यालय में एक खेलकूद प्रतियोगिता का सम्मानित समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कबड्डी, वॉलीबॉल, रेसलिंग सहित अन्य विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

    विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सम्मानित

    इस अवसर पर उन सभी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने ब्लॉक, जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में विद्यालय का प्रतिनिधित्व कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    प्रधानाचार्य ने खेलों के महत्व पर दिया संदेश

    प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद न केवल शारीरिक विकास के लिए आवश्यक हैं, बल्कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास भी विकसित होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार खेलकूद प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लें और विद्यालय, क्षेत्र व प्रदेश का नाम रोशन करें। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक रहने तथा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की भी अपील की।

    खेल और शिक्षा में संतुलन की सीख

    उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी फाइनल परीक्षाओं के लिए भी प्रेरित करते हुए कहा कि खेल और शिक्षा दोनों में संतुलन बनाकर कड़ी मेहनत करें ताकि जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें। प्रधानाचार्य ने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच रजनीश ठाकुर तथा विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्यों को भी बधाई दी, जिन्होंने समय-समय पर विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया और सहयोग प्रदान किया।

    समारोह में उपस्थित रहे शिक्षक व स्टाफ सदस्य

    इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार के अतिरिक्त प्रवक्ता सुनील संधू, सुरेन्द्र शर्मा, राजीव शर्मा, मदन लाल, मोहन लाल, राज कुमार, राकेश कुमार, पंकज कुमारी, ज्योति डोगरा, कांता देवी, रजनी देवी, रजनी कांता, ज्योति, तेजा ठाकुर, पलवी सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विद्यालय में खेल गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया।

    खिलाड़ियों ने भविष्य में बेहतर प्रदर्शन का लिया संकल्प

    समारोह के अंत में खिलाड़ियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।

  • ऊना में पुलिस की रात की कार्रवाई, अवैध लकड़ी ढोते तीन वाहन जब्त, चालकों पर केस दर्ज

    ऊना में पुलिस की रात की कार्रवाई, अवैध लकड़ी ढोते तीन वाहन जब्त, चालकों पर केस दर्ज

    मध्यरात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने बिना परमिट लकड़ी ले जा रहे वाहनों को पकड़ा। वन कानूनों के उल्लंघन पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    गश्त के दौरान पुलिस की सख्त कार्रवाई
    पुलिस चौकी पंडोगा की टीम ने मध्य रात्रि गश्त के दौरान अवैध रूप से लकड़ी का परिवहन कर रहे तीन वाहनों को रोका। जांच के दौरान वाहन चालकों के पास लकड़ी परिवहन से संबंधित कोई वैध परमिट नहीं पाया गया।

    तीनों वाहन पुलिस ने कब्जे में लिए
    मौके पर ही कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों वाहनों को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लकड़ी बिना अनुमति के ले जाई जा रही थी, जो वन नियमों का उल्लंघन है।

    वन अधिनियम व अन्य धाराओं में मामला दर्ज
    संबंधित चालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि अवैध लकड़ी परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।

    वन संपदा की सुरक्षा पर जोर
    पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की तस्करी और अवैध कटान के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

  • ऊना में 11 फरवरी को हिप्र लोक निर्माण विभाग लिपिक वर्गीय संघ के जिला प्रतिनिधियों का चुनाव

    ऊना में 11 फरवरी को हिप्र लोक निर्माण विभाग लिपिक वर्गीय संघ के जिला प्रतिनिधियों का चुनाव

    लोक निर्माण विभाग लिपिक वर्गीय स्टाफ संघ के जिला प्रतिनिधियों के चुनाव की तिथि घोषित कर दी गई है। सभी प्रतिनिधियों से निर्धारित समय पर उपस्थित रहने की अपील की गई है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    11 फरवरी को होगा चुनाव आयोजन
    हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग लिपिक वर्गीय स्टाफ संघ के जिला प्रतिनिधियों का चुनाव 11 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम ऊना स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के हाल में दोपहर 3 बजे होगा।

    प्रतिनिधियों से उपस्थिति की अपील
    संघ के वर्तमान अध्यक्ष तारा सिंह ने जिला ऊना के सभी लिपिक वर्गीय कर्मचारियों और प्रतिनिधियों से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियों को सुचारू रखने के लिए सभी की भागीदारी आवश्यक है।

    संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा
    संघ के अनुसार यह चुनाव संगठन की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके माध्यम से जिला स्तर पर प्रतिनिधित्व तय किया जाएगा।

  • ऊना में राज्य महिला आयोग की विशेष अदालत, महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा मामलों की सुनवाई

    ऊना में राज्य महिला आयोग की विशेष अदालत, महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा मामलों की सुनवाई

    ऊना में आयोजित विशेष अदालत में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। आयोग ने संबंधित विभागों को मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    विशेष अदालत में मामलों की सुनवाई
    हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा लघु सचिवालय ऊना में जिला स्तर पर विशेष अदालत आयोजित की गई। इस दौरान महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।

    आयोग ने दिए आवश्यक निर्देश
    आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी और सदस्यों ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने मामलों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर जोर दिया।

    कुल मामलों में से कई की हुई सुनवाई
    सूचीबद्ध मामलों में से कई मामलों में याचिकाकर्ता और प्रतिवादी अदालत में उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर विचार किया गया।

    अन्य जिलों में भी लगेगी अदालतें
    आयोग की ओर से बताया गया कि ऐसे विशेष सत्र अन्य जिला मुख्यालयों पर भी आयोजित किए जाएंगे। आगामी दिनों में अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की सुनवाई प्रस्तावित है।

    महिलाओं से आगे आने की अपील
    आयोग ने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के मामले में वे आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं। आयोग ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहयोग और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

  • उपमुख्यमंत्री ने आईआईआईटी ऊना के वार्षिक टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ का किया शुभारंभ

    उपमुख्यमंत्री ने आईआईआईटी ऊना के वार्षिक टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ का किया शुभारंभ

    आईआईआईटी ऊना में आयोजित मेराकी-2026 टेक्निकल फेस्टिवल का उपमुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नवाचार, तकनीक और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    मेराकी-2026 टेकफेयर का शुभारंभ

    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना के वार्षिक टेक्निकल फेस्टिवल ‘मेराकी-2026’ का शुभारंभ किया। यह टेकफेयर 7 से 9 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने मेराकी-2026 के लोगों तथा संस्थान की पत्रिका ‘प्रगति परिमल’ का भी विमोचन किया।

    ड्रोन तकनीक और रोबोटिक्स पर विशेष बल

    अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने ड्रोन तकनीक और रोबोटिक्स के क्षेत्र में कार्य करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन तकनीक की आवश्यकता स्पष्ट रूप से महसूस हुई। ऐसे अनुभव यह दर्शाते हैं कि भविष्य में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक की भूमिका अत्यंत निर्णायक होगी। उन्होंने युवाओं और तकनीकी संस्थानों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें, ताकि भारत ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बन सके।

    नवाचार और डिजिटल इकोसिस्टम पर जोर

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि टेकफेयर जैसे मंच युवाओं को नवाचार, सृजनशीलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार एक सशक्त डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

    आईआईआईटी ऊना की स्थापना संघर्ष का परिणाम

    श्री अग्निहोत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि ऊना की धरती पर ट्रिपल आईटी जैसा प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान किसी तश्तरी में परोसकर नहीं मिला, बल्कि लंबे संघर्ष और अनेक बाधाओं को पार करते हुए स्थापित हुआ है। आज यहां हिमाचल के अनेक बच्चे अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

    एमएससी गणित पाठ्यक्रम की सराहना

    उन्होंने संस्थान में एमएससी गणित पाठ्यक्रम के आरंभ की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में इसकी लंबे समय से मांग थी। अब इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिला है।

    स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास पहल

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान द्वारा स्थानीय युवाओं के लिए जो नए अवसर खोले गए हैं, उनका दीर्घकालीन लाभ क्षेत्र और प्रदेश दोनों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक, ज्ञान और अनुसंधान का आदान-प्रदान विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि आईआईआईटी ऊना द्वारा ऊना-हरोली क्षेत्र के लगभग एक हजार युवाओं के कौशल विकास के लिए विशेष पहल की जा रही है, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने संस्थान से अपेक्षा जताई कि यह पहल जमीनी तौर पर दिखाई दे व परिणामोन्मुख हो।

    क्षेत्र में विकास कार्यों का उल्लेख

    क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पानी की समस्या से जूझने वाला यह क्षेत्र आज सिंचाई सुविधाओं से सशक्त हो रहा है। किसान नकदी फसलें उगा रहे हैं तथा शिक्षा, सड़क और आधारभूत ढांचे में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि हरोली में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत का बल्क ड्रग पार्क स्थापित किया जा रहा है, जो देश के तीन बल्क ड्रग पार्कों में से एक है। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त बाथू में 18 करोड़ रुपये की लागत से टूल रूम तथा पंडोगा में 10 करोड़ रुपये की लागत से टेक्नोलॉजी पार्क का निर्माण किया जा रहा है।

    तीन महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान

    कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईआईआईटी ऊना द्वारा शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। ये एमओयू सीएसआईआर सीएसआईओ चण्डीगढ़, सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी गुरदासपुर तथा सिद्धार्था इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी हैदराबाद के साथ किए गए। इन समझौतों से संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान, कौशल विकास और नवाचार के नए अवसर सृजित होंगे।

    विजेताओं को पुरस्कार और इनोवेशन एक्सपो का अवलोकन

    उपमुख्यमंत्री ने संस्थान के स्पोर्ट्स इवेंट ‘यलगार’, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं एवं नवाचार स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इसके उपरांत उन्होंने इनोवेशन एक्सपो का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारी परियोजनाओं की सराहना की। उन्होंने परिसर में बरगद का पौधा भी रोपित किया।

    विशेषज्ञों के प्रेरक संदेश

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के निदेशक प्रोफेसर हीरालाल मुरलीधर सूर्यवंशी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी तकनीक को सशक्त करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर बनने, असफलताओं से सीखने और रचनात्मकता व आत्मविश्वास विकसित करने का आह्वान किया। सीएसआईआर सीएसआईओ के निदेशक प्रोफेसर शांतनु भट्टाचार्य ने मेराकी को युवा मस्तिष्कों का मंच बताते हुए नवाचारी सोच, एमएसएमई समाधान और लैब-टू-प्रोडक्ट मॉडल पर बल दिया। सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सुशेंद्र कुमार मिश्रा ने युवाओं से स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर आगे बढ़ने तथा 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    संस्थान प्रशासन ने रखा दृष्टिकोण

    आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रोफेसर मनीष गौड़ ने उपमुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप संस्थान के द्वार हरोली क्षेत्र के युवाओं के लिए और अधिक व्यापक रूप से खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग एक हजार युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी ऊना आज देश में नवाचार और नए विचारों की प्रयोगशाला के रूप में विकसित हो रहा है। मेराकी समन्वयक डॉ. तनु वढेरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि डॉ. भामती दास ने पत्रिका प्रगति परिमल की सामग्री की जानकारी दी। इस अवसर पर कांग्रेस नेता रणजीत राणा, अशोक ठाकुर, संस्थान के प्रोफेसर, विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थी, शिक्षक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

  • “ग्रैंड पैरंट्स डे” पर सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा ने की बुजुर्गों की जांच

    “ग्रैंड पैरंट्स डे” पर सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा ने की बुजुर्गों की जांच

    ग्रैंड पेरेंट्स डे के अवसर पर पंडोगा में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में 160 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श लिया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    पंडोगा में बुजुर्गों के सम्मान में लगा स्वास्थ्य शिविर

    हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उप ग्राम पंडोगा में ग्रैंड पेरेंट्स डे के अवसर पर केसी पब्लिक स्कूल स्कूल में दादा-दादी और नाना-नानी के सम्मान में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर बीएमओ शिंगारा सिंह के निर्देशानुसार प्रयास संस्था और सांसद अनुराग ठाकुर के मार्गदर्शन में सांसद मोबाइल स्वस्थ सेवा हरोली की टीम द्वारा लगाया गया, जिसमें बुजुर्गों को निःशुल्क जांच और चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।

    मोबाइल स्वास्थ्य टीम ने दी सेवाएं

    मोबाइल स्वास्थ्य टीम में डॉ. प्रदीप कुमार, रुचि, मनीष तथा निहाल सहित अन्य कर्मियों ने सेवाएं दीं। शिविर में 160 से अधिक बुजुर्गों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाया।

    कई प्रकार की जांचें और दवाइयों का वितरण

    इस दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, वजन सहित अन्य सामान्य जांचें की गईं और जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही दवाइयाँ वितरित की गईं। स्वास्थ्य टीम ने संतुलित आहार, नियमित दवा, हल्के व्यायाम और समय-समय पर जांच के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। हेल्थ वर्कर सुरेश ने कहा कि समय पर जांच और उपचार से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

    स्कूल प्रबंधन ने जताया आभार

    स्कूल की प्रधानाचार्य निर्मला देवी ने टीम का आभार जताते हुए कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं और ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सेवा व सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।

    विद्यार्थियों ने बुजुर्गों संग मनाया विशेष दिन

    ग्रैंड पेरेंट्स डे के मौके पर विद्यार्थियों ने अपने दादा-दादी के साथ समय बिताया और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उपस्थित बुजुर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाने की उम्मीद जताई। कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ, अभिभावक, स्थानीय ग्रामीण तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे, जिनके सहयोग से शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

  • ऊना के दगरेडी गांव के पास बाइक और टिपर की टक्कर, दो युवक घायल

    ऊना के दगरेडी गांव के पास बाइक और टिपर की टक्कर, दो युवक घायल

    ऊना जिले के जोल क्षेत्र में सड़क हादसे में दो युवक घायल हो गए। दुर्घटना तीखे मोड़ पर बाइक और टिपर की आमने-सामने टक्कर से हुई।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    तीखे मोड़ पर हुआ हादसा
    उप-तहसील जोल की पुलिस चौकी क्षेत्र में चौकीमन्यार–धमान्दरी सड़क पर दगरेडी गांव के पास शुक्रवार सुबह सड़क दुर्घटना हुई। बताया जा रहा है कि मोड़ पर अचानक सामने आए टिपर और बाइक की टक्कर हो गई, जिससे बाइक सवार सड़क पर गिर गए।

    दो युवक घायल, एक की हालत गंभीर
    पुलिस के अनुसार कुरयाला निवासी बीरबल अपने साथी मोहित शर्मा के साथ बाइक पर सूरी पंचायत की ओर जा रहा था। हादसे में बीरबल की टांग में गंभीर चोट आई, जबकि पीछे बैठे मोहित को हल्की चोटें लगीं। दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से एंबुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धुसाड़ा पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बीरबल को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर किया गया।

    सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता
    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क संकरी होने और तीखे मोड़ों के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सड़क चौड़ीकरण और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।

    जांच में जुटी पुलिस
    जोल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वाहनों की स्थिति और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • लोकआस्था और सामाजिक संतुलन का केंद्र: मैड़ी का डेरा बाबा बडभाग सिंह जी

    लोकआस्था और सामाजिक संतुलन का केंद्र: मैड़ी का डेरा बाबा बडभाग सिंह जी

    ऊना / राजन शर्मा

    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में, ऊना नगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित मैड़ी गांव की देवदारों से घिरी पहाड़ियों के बीच डेरा बाबा बडभाग सिंह जी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोक-आस्था केंद्र है।

    यह स्थल केवल धार्मिक विश्वास तक सीमित नहीं, बल्कि सदियों से सामाजिक संतुलन, मानसिक शांति और सामूहिक चेतना का प्रतीक रहा है।हर वर्ष पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    मैड़ी का डेरा आस्था, साधना और आध्यात्मिक उपचार की उस परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, जो लोकजीवन से गहराई से जुड़ी हुई है।इतिहास के अनुसार बाबा बडभाग सिंह जी का जन्म वर्ष 1715 में पंजाब के करतारपुर में सोढ़ी वंश में हुआ माना जाता है।

    वे धीर मल के वंशज तथा गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार से संबंधित बताए जाते हैं। यह वह दौर था जब अहमद शाह अब्दाली के आक्रमणों से उत्तर भारत राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता से गुजर रहा था।

    इन परिस्थितियों में बाबा बडभाग सिंह जी हिमाचल की ओर आए और धारशणी खड्ड के समीप वनों में साधना करते हुए मैड़ी को अपनी तपोभूमि बनाया। उनका यहां स्थायी निवास सीमांत क्षेत्रों में संत परंपरा की उस भूमिका को दर्शाता है, जिसने अशांत समय में समाज को मानसिक और नैतिक संबल दिया।

    लोकमान्यताओं के अनुसार बाबा बडभाग सिंह जी ने एक बेर के वृक्ष के नीचे कठोर तपस्या कर सिद्धियां प्राप्त कीं। कहा जाता है कि उन्होंने नरसिंह नामक उग्र आत्मा को वश में कर मानव सेवा के लिए बाध्य किया। इस लोककथा को अंधविश्वास के बजाय सामाजिक मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि ऐसे लोक-तीर्थ पारंपरिक समाजों में भय, तनाव और मानसिक असुरक्षा से निपटने के सांस्कृतिक माध्यम रहे हैं।

    डेरा परिसर में स्थित गुरुद्वारा और बाबा जी की समाधि श्रद्धा का मुख्य केंद्र हैं। तपस्थली का वही बेर वृक्ष और चरण गंगा जलप्रपात श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। चरण गंगा के जल को पवित्र और रोगनाशक माना जाता है, जहां श्रद्धालु स्नान कर शारीरिक और आत्मिक शांति की कामना करते हैं।

    हर वर्ष फरवरी–मार्च माह में आयोजित होने वाला दस दिवसीय होली अथवा होला मोहल्ला मेला मैड़ी को भक्ति और उत्सव का विराट केंद्र बना देता है। इस दौरान अरदास, पवित्र स्नान और निशान साहिब का आरोहण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव बन जाता है।

    भारत की धार्मिक परंपरा केवल ग्रंथों और संस्थानों तक सीमित नहीं रही है। देश की जीवंत संस्कृति ऐसे लोक-आधारित तीर्थों से भी निर्मित हुई है, जिन्होंने पीढ़ियों तक समाज को नैतिक दिशा और सामूहिक पहचान प्रदान की। मैड़ी का डेरा बाबा बडभाग सिंह जी इसी परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

    आज यह स्थल केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद और सामाजिक समरसता का मंच बन चुका है। विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इस बात का प्रमाण हैं कि आस्था किस प्रकार क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रीय चेतना से जुड़ती है।

    मैड़ी का डेरा बाबा बडभाग सिंह जी हमें यह समझने का अवसर देता है कि भारत की जीवंत संस्कृति किस प्रकार स्थानीय आस्थाओं के माध्यम से आकार लेती है। यह परंपरा आज भी विश्वास, आशा और उपचार के रूप में हिमालय की गोद में निरंतर प्रवाहित हो रही है।