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  • शावगा स्कूल की वंशिका राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबॉल में दिखाएंगी जौहर

    शावगा स्कूल की वंशिका राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबॉल में दिखाएंगी जौहर

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ राजगढ़

    हिमाचल प्रदेश के राजगढ़ क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) शावगा की छात्रा वंशिका शर्मा ने वॉलीबॉल के राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

    वंशिका (सुपुत्री तपिंदर शर्मा, ग्राम थनोह) का चयन अंडर-19 वर्ग की राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए किया गया है। वंशिका शर्मा के चयन से शावगा स्कूल ही नहीं, बल्कि समूचे राजगढ़ क्षेत्र में गर्व का माहौल है।

    स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल लोकेश तोमर, अध्यापक अभिभावक संघ (PTA) के अध्यक्ष राज कुमार ठाकुर और समस्त स्टाफ ने इस उपलब्धि के लिए स्कूल के शारीरिक शिक्षा शिक्षक (PET) सुखदेव भारद्वाज को विशेष बधाई दी है, जिनके अथक प्रयासों से स्कूल का नाम चमका है।

    इस बीच, क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी राजकुमार और रणवीर सिंह ठाकुर ने हैरानी जताते हुए बताया कि सिरमौर की जिला स्तरीय चयन समिति ने जिस मेधावी छात्रा का चयन जिला और राज्य स्तर के लिए करना उचित नहीं समझा, उस लड़की ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर नेरवा में ट्रायल दिया, जहां चयनकर्ता समिति ने उसका चयन सीधे राष्ट्रीय स्तर के लिए कर दिया।

    इस अप्रत्याशित चयन से अब जिला सिरमौर चयन समिति के फैसलों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। प्राइमरी स्कूल शावगा के मुख्य अध्यापक यशपाल ठाकुर, भूतपूर्व पीटीए अध्यक्ष अजय ठाकुर और पवन ने भी वंशिका के चयन पर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के स्टाफ को बधाई दी है।

  • मिंजर मेला में स्नूकर व पूल प्रतियोगिता 28 जुलाई से, अंडर-19 और ओपन वर्ग में होंगे मुकाबले

    मिंजर मेला में स्नूकर व पूल प्रतियोगिता 28 जुलाई से, अंडर-19 और ओपन वर्ग में होंगे मुकाबले

    मिंजर मेला के खेल आयोजन में 28 जुलाई से शुरू हो रही स्नूकर और पूल प्रतियोगिता युवाओं की प्रतिभा निखारने का अवसर बनेगी

    चंबा

    स्नूकर ओपन कैटेगरी में, पूल अंडर-19 वर्ग में आयोजित होगा मुकाबला

    28 जुलाई से होंगे मुकाबले
    अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2025 के तहत इस बार भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्नूकर एवं पूल एसोसिएशन द्वारा स्नूकर और पूल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 28 जुलाई से शुरू होगी और दो चरणों में खेली जाएगी।

    पूल प्रतियोगिता अंडर-19 के लिए, स्नूकर सबके लिए खुला
    एसोसिएशन के अध्यक्ष शक्ति चौहान ने बताया कि पूल प्रतियोगिता विशेष रूप से 19 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं के लिए आयोजित की जाएगी। वहीं, स्नूकर प्रतियोगिता ओपन कैटेगरी में होगी जिसमें कोई भी आयु वर्ग का व्यक्ति भाग ले सकता है। इसका उद्देश्य युवाओं को आगे लाना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।

    प्रतिभा को मंच देने की पहल
    एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अनूप शर्मा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक मंच प्रदान करना है, जिससे वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें और खेलों के प्रति उनकी रुचि बढ़े। यह मेला केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के लिए भी एक सुनहरा अवसर है।

    पंजीकरण और संपर्क जानकारी
    प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी पंजीकरण के लिए जिला स्नूकर एवं पूल एसोसिएशन कार्यालय (राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के समीप) पर संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9805078395 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

  • धर्मशाला में होंगे नेशनल मास्टर गेम्स, 6000 खिलाड़ी 24 खेलों में दिखाएंगे दमखम

    धर्मशाला में होंगे नेशनल मास्टर गेम्स, 6000 खिलाड़ी 24 खेलों में दिखाएंगे दमखम

    हिमाचल प्रदेश का धर्मशाला अप्रैल 2025 में नेशनल मास्टर गेम्स की मेजबानी करेगा। इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में फुटबॉल, वॉलीबॉल समेत 24 खेलों में देशभर के करीब 6000 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे30 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।

    मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन की घोषणा सुपर मास्टर्स गेम्स एवं स्पोर्ट्स फेडरेशन के निदेशक ऑर्गेनाइजर और प्रदेश मास्टर गेम्स एसोसिएशन के महासचिव तेजस्वी शर्मा ने पत्रकार वार्ता में की।

    इस दौरान सुपर मास्टर्स गेम्स एवं स्पोर्ट्स फेडरेशन के अधिकारी विनोद कुमार ने खेलों के आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी और नेशनल मास्टर गेम्स का आधिकारिक पोस्टर भी जारी किया गया

    किन खेलों में होगी प्रतियोगिता?

    इस टूर्नामेंट में 24 अलग-अलग खेलों में प्रतिस्पर्धा होगी, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
    फुटबॉल
    वॉलीबॉल
    एथलेटिक्स
    बैडमिंटन
    बास्केटबॉल
    टेबल टेनिस
    कबड्डी
    वेटलिफ्टिंग

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी दिखेगा जलवा

    धर्मशाला में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी ताइवान में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मास्टर गेम्स में भी भाग लेंगे।

    धर्मशाला को क्यों चुना गया?

    अत्याधुनिक खेल सुविधाएं
    अनुकूल मौसम और शानदार पर्यटन स्थल
    पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी

    निष्कर्ष

    धर्मशाला में नेशनल मास्टर गेम्स खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए एक शानदार आयोजन होगा। हिमाचल प्रदेश में इस तरह के बड़े आयोजन से खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी

  • चुवाड़ी / जल्दी मिलेगा मिनी खेल स्टेडियम, विभागीय प्रक्रिया पूरी। अगले दो महीनों में इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा

    चुवाड़ी / जल्दी मिलेगा मिनी खेल स्टेडियम, विभागीय प्रक्रिया पूरी। अगले दो महीनों में इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा

    चुवाड़ी, 4 जनवरी: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज चुवाड़ी में आयोजित हिमालयन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए, बल्कि चुवाड़ी में प्रस्तावित मिनी खेल स्टेडियम के निर्माण कार्य की शुरुआत को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।

    मिनी खेल स्टेडियम का निर्माण जल्द शुरू होगा

    कुलदीप सिंह पठानिया ने अपने संबोधन में बताया कि चुवाड़ी में मिनी खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा किया जा चुका है और अगले दो महीनों में इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी, क्योंकि इस स्टेडियम में विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलेगा।

    शिक्षा और खेल दोनों के क्षेत्र में सुधार

    विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा के क्षेत्र में भी स्कूल की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि इस विद्यालय ने न केवल शैक्षिक क्षेत्र में बल्कि खेल, सांस्कृतिक और अन्य बहुआयामी गतिविधियों में भी छात्रों को प्रेरित किया है। उन्होंने स्कूल के इस प्रयास को सकारात्मक दिशा में कदम बताते हुए इसके लिए प्रबंधन की सराहना की।

    विद्यालय प्रबंधन को किया सम्मानित

    कुलदीप सिंह पठानिया ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद विद्यालय प्रबंधन को शाल-टोपी और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने स्कूल के सांस्कृतिक और शैक्षिक प्रयासों की सराहना करते हुए, छात्रों के लिए 31,000 रुपये की धनराशि देने की घोषणा की, जिसे विद्यालय की सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपयोग किया जाएगा।

    चुवाड़ी-चंबा टनल और अन्य विकास कार्य

    इसके अलावा, कुलदीप सिंह पठानिया ने अपने क्षेत्र में चल रहे अन्य विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने चुवाड़ी-चंबा टनल के निर्माण की योजना पर चर्चा की, जिसे क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना बताया।

    कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

    इस अवसर पर कई प्रमुख लोग उपस्थित थे, जिनमें सदस्य निदेशक मंडल राज्य वन निगम कृष्ण चंद चेला, सदस्य निदेशक मंडल राज्य सहकारी बैंक राजकुमार चंबियाल, अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी विजय कंवर, एसडीएम पारस अग्रवाल, वन मंडल अधिकारी रजनीश महाजन, पुलिस उप अधीक्षक योग राज चंदेल, खंड विकास अधिकारी मनीष कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    समाप्त

  • Major Dhyan Chand Khel Ratna & Arjuna Award 2024: डी गुकेश, मनु भाकर समेत 4 को खेल रत्न, 32 ख‍िलाड़‍ियों को म‍िला अर्जुन पुरस्कार

    Major Dhyan Chand Khel Ratna & Arjuna Award 2024: डी गुकेश, मनु भाकर समेत 4 को खेल रत्न, 32 ख‍िलाड़‍ियों को म‍िला अर्जुन पुरस्कार

    भारत के शीर्ष खेल सम्मान, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड, का ऐलान कर दिया गया है। ओलंपिक मेडल विजेता मनु भाकर और शतरंज वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश सहित कुल चार एथलीटों को यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिलेगा। इसके साथ ही, खेल मंत्रालय ने अर्जुन अवॉर्ड के लिए 32 खिलाड़ियों के नामों की घोषणा भी की है, जिसमें 17 पैरा एथलीट्स शामिल हैं। यह सम्मान भारतीय खेलों में उनके उत्कृष्ट योगदान और प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।

    ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड के विजेता

    मनु भाकर और डी गुकेश के अलावा, इस साल के मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड के अन्य विजेता हैं:

    • हरमनप्रीत सिंह (भारतीय हॉकी टीम के कप्तान)
    • प्रवीण कुमार (पैरा एथलीट, पैरा हाई-जंप में गोल्ड मेडलिस्ट)

    इन चारों एथलीटों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति के हाथों यह अवॉर्ड मिलेगा। यह पुरस्कार देश में खेल के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।

    ओलंपिक और शतरंज में ऐतिहासिक सफलता

    मनु भाकर का इतिहास रचना

    22 वर्षीय मनु भाकर ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। वह ओलंपिक के एक ही संस्करण में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनीं। उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को अब ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है।

    डी गुकेश का शतरंज में नया कीर्तिमान

    डी गुकेश, जो अब तक के सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चैंपियन हैं, ने अपनी शतरंज की यात्रा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 18 साल की उम्र में उन्होंने पिछले साल शतरंज ओलंपियाड में भारतीय टीम को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिलवाया। उनकी असाधारण उपलब्धियों के चलते उन्हें भी इस साल के ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड से नवाजा जा रहा है।

    हरमनप्रीत सिंह और प्रवीण कुमार का योगदान

    हरमनप्रीत सिंह, जो भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हैं, ने टोक्यो ओलंपिक में अपनी टीम को लगातार दूसरे ब्रॉन्ज मेडल दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, प्रवीण कुमार ने पेरिस पैरा ओलंपिक्स में पैरा हाई-जंप में गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया।

    लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित दिग्गज एथलीट

    इस साल के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने वाले एथलीटों के नाम भी घोषित कर दिए गए हैं। सुचा सिंह और मुरलीकांत राजाराम पेटकर जैसे दिग्गजों को इस सम्मान से नवाजा जाएगा। ये एथलीट अपने-अपने खेल क्षेत्रों में लंबी और शानदार यात्रा के लिए पहचाने जाते हैं।

    अर्जुन अवॉर्ड की घोषणा

    खेल मंत्रालय ने अर्जुन अवॉर्ड के लिए भी 32 खिलाड़ियों का चयन किया है। इस पुरस्कार के लिए चुने गए खिलाड़ियों में 17 पैरा एथलीट्स भी शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बार की विशेष बात यह है कि अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयनित खिलाड़ियों में कोई भी क्रिकेटर शामिल नहीं है, जो काफी चौंकाने वाली बात है।

    अर्जुन अवॉर्ड विजेताओं की सूची

    अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयनित कुछ प्रमुख एथलीटों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

    • सलीमा टेटे, अभिषेक, संजय, जरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह (सभी हॉकी खिलाड़ी)
    • राकेश कुमार, प्रीति पाल, जीवनजी दीप्ति, अजीत सिंह (सभी पैरा-एथलेटिक्स)
    • सचिन सरजेराव खिलारी, श्री धर्मबीर, प्रणव सूरमा, एच होकाटो सेमा (पैरा-एथलेटिक्स)
    • सिमरन, नवदीप (पैरा-एथलेटिक्स)

    पुरस्कार समारोह

    यह सभी पुरस्कार विजेता 17 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में अपना पुरस्कार प्राप्त करेंगे। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड और अर्जुन अवॉर्ड देश के खेलों में उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए दिए जाते हैं, जो पिछले चार वर्षों में शानदार प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को सम्मानित करते हैं।


    यह पुरस्कार भारतीय खेल जगत में उत्कृष्टता की ओर एक और कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

  • बिलासपुर / नेशनल लेवल की पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना

    बिलासपुर / नेशनल लेवल की पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना

    बिलासपुर जिला प्रशासन ने मार्च में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए नेशनल लेवल की पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना बनाई है। इस आयोजन के तहत रोमांचक पैराग्लाइडिंग स्पर्धा का अनुभव मिलेगा, जिसमें मानव परिंदे बिलासपुर की खूबसूरत घाटियों से उड़ान भरते नजर आएंगे।


    पहली बार नेशनल लेवल पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता

    प्रशासनिक प्रयास
    यह पहली बार है जब जिला प्रशासन के स्तर पर इस तरह की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि आयोजन की तैयारी जोरों पर है और जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग से फंडिंग के लिए प्रस्ताव भेजा है। फंडिंग अप्रूवल मिलने के बाद आयोजन की तारीख तय की जाएगी।

    महत्व और रोमांच
    यह प्रतियोगिता बिलासपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसमें राष्ट्रीय स्तर के पैराग्लाइडिंग खिलाड़ी भाग लेंगे, जिससे जिले के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोमांच प्रेमियों के लिए यह एक यादगार अनुभव बनेगा।


    उड़ान और लैंडिंग का स्थान

    बंदलाधार से उड़ान, गोबिंदसागर में लैंडिंग
    बिलासपुर की बंदलाधार पहाड़ी को पैराग्लाइडिंग के लिए स्थायी साइट घोषित किया गया है। यहां से पायलट बिलासपुर के लुहणू मैदान तक उड़ान भरते हैं। खास बात यह है कि गोबिंदसागर झील पैराग्लाइडिंग की लैंडिंग साइट के रूप में इस्तेमाल की जाती है, जो इस आयोजन को और भी आकर्षक बनाती है।

    अनुभव और ट्रेनिंग
    अब तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं और कई ट्रेनिंग प्रोग्राम यहां आयोजित हो चुके हैं। हालांकि, यह पहली बार होगा जब प्रशासन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित करेगा। यह साइट विशेष रूप से अपनी एक्रोबैटिक क्षमताओं के लिए जानी जाती है।


    आयोजन से पर्यटन को बढ़ावा

    यह आयोजन न केवल पैराग्लाइडिंग के रोमांच को दर्शाएगा, बल्कि बिलासपुर को पर्यटन के मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करेगा। उपायुक्त ने बताया कि प्रतियोगिता की तैयारी के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और आयोजन के लिए मार्च महीना प्रस्तावित है।


    नेशनल लेवल पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर के लिए ऐतिहासिक क्षण साबित होगा। यह न केवल खेल प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक रोमांचक अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

  • पद्म श्री कबड्डी स्टार अजय ठाकुर ने लिया अंतरराष्ट्रीय कबड्डी से संन्यास, मेलबर्न में की घोषणा

    पद्म श्री कबड्डी स्टार अजय ठाकुर ने लिया अंतरराष्ट्रीय कबड्डी से संन्यास, मेलबर्न में की घोषणा

    हिमाचल प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी स्टार और पद्म श्री अजय ठाकुर ने आज अपनी लंबी और सफल कबड्डी यात्रा को अलविदा कह दिया। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में एक कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने इस महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अजय ठाकुर ने अपने संन्यास की जानकारी दी और इस खेल में उन्हें मिले अपार प्यार के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त किया।

    अंतरराष्ट्रीय कबड्डी से संन्यास

    अजय ठाकुर का संन्यास एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि वे हिमाचल प्रदेश के पहले खिलाड़ी हैं जिन्हें कबड्डी खेल में पद्म श्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अपने करियर में उन्होंने न केवल भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की हैं।

    कबड्डी में अजय ठाकुर की उपलब्धियां

    अजय ठाकुर का कबड्डी करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने भारतीय कबड्डी टीम की कप्तानी की और देश को कई बड़े टूर्नामेंट्स में गोल्ड मेडल दिलाए। उनकी प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

    • 2007: एशियन इंडोर गेम्स – गोल्ड
    • 2013: एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स – गोल्ड
    • 2014: एशियन गेम्स – गोल्ड
    • 2016: कबड्डी विश्व कप – गोल्ड
    • 2017: एशियन कबड्डी चैंपियनशिप – गोल्ड
    • 2018: कबड्डी मास्टर्स टूर्नामेंट – गोल्ड
    • 2018: एशियन गेम्स – कांस्य पदक

    इन उपलब्धियों के साथ अजय ठाकुर ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक क्षण बनाए और भारत को कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गर्व महसूस कराया।

    युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण

    अजय ठाकुर का कबड्डी करियर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन उनका खेल के प्रति योगदान अभी भी जारी है। उन्होंने दभोटा, हिमाचल में कोहिनूर स्पोर्ट्स कबड्डी अकादमी की स्थापना की है, जहां वे प्रदेश के युवाओं को कबड्डी में प्रशिक्षण दे रहे हैं। अजय ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रदेश के युवा कबड्डी में अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो रहे हैं।

    अजय ठाकुर का कबड्डी से संन्यास लेना भारतीय खेल जगत का एक बड़ा बदलाव है। हालांकि वे अब खेल के मैदान पर नहीं दिखेंगे, लेकिन उनकी उपलब्धियां और उनके द्वारा छोड़ी गई छाप हमेशा याद रखी जाएगी। प्रदेश और देश के युवाओं के लिए उनका योगदान प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा।

  • शतरंज / कोनेरू हम्पी ने रचा इतिहास, दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीती

    शतरंज / कोनेरू हम्पी ने रचा इतिहास, दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीती

    कोनेरू हम्पी, भारत की स्टार ग्रैंडमास्टर और शतरंज की दुनिया में प्रमुख नाम, ने रविवार को इतिहास रचते हुए दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने न केवल उनके व्यक्तिगत करियर को नई ऊंचाई दी, बल्कि भारतीय शतरंज के लिए भी इसे एक ऐतिहासिक पल बना दिया।

    दूसरी बार विश्व रैपिड खिताब की विजेता बनीं हम्पी

    कोनेरू हम्पी ने इंडोनेशिया की इरीन सुकंदर को हराकर विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। इससे पहले, उन्होंने 2019 में जॉर्जिया में इस प्रतियोगिता में विजय प्राप्त की थी। हम्पी की यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि वह चीन की जू वेनजुन के बाद एक से अधिक बार यह खिताब जीतने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी बनीं। इसके साथ ही, वह भारत की पहली महिला शतरंज खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।

    निर्णायक जीत और खिताब पर कब्जा

    हम्पी ने 11 में से 8.5 अंक के साथ टूर्नामेंट समाप्त किया, जो उनके लिए एक निर्णायक जीत साबित हुई। इस खिताब को जीतने के लिए उन्हें सिर्फ एक विजय की ही आवश्यकता थी। यदि वह ड्रॉ या हार जातीं, तो उनका खिताब जीतने का सपना टूट जाता। लेकिन हम्पी ने अपने खेल से साबित कर दिया कि वह असाधारण क्षमताओं से भरी हुई हैं।

    पुरुष वर्ग में रूस के वोलोदर मुर्जिन की जीत

    जहां एक ओर हम्पी ने महिला वर्ग में खिताब जीता, वहीं पुरुष वर्ग में रूस के 18 वर्षीय वोलोदर मुर्जिन ने विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। मुर्जिन इस खिताब को जीतने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने, जबकि इससे पहले नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने 17 साल की उम्र में यह खिताब जीता था।

    हम्पी की शानदार वापसी और 2023 में सफलता

    हम्पी ने इस जीत के साथ 2023 में भारतीय शतरंज के लिए शानदार समापन किया। इस साल की शुरुआत में ही डी गुकेश ने चीन के डिंग लिरेन को हराकर क्लासिकल शतरंज विश्व चैंपियनशिप में इतिहास रचा था। हम्पी ने रैपिड शतरंज में हमेशा ही उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और उनके लिए यह उपलब्धि बेहद खास है।

    2019 में चैंपियनशिप जीतने का पल

    हम्पी ने 2019 में जॉर्जिया के बटुमी में विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीतने के बाद शिखर पर पहुंची थीं। उस समय उन्होंने चीन की लेई टिंगजी को आर्मगेडन गेम में हराया था। पिछले साल, 2023 में वह उज़्बेकिस्तान के समरकंद में इसी टूर्नामेंट में रजत पदक जीतने में सफल रही थीं, लेकिन वह रूस की अनास्तासिया बोदनारुक के खिलाफ टाईब्रेक में खिताब से चूक गईं थीं।

    अन्य उपलब्धियां और रैपिड शतरंज में निरंतर सफलता

    हम्पी ने रैपिड शतरंज के अलावा अन्य शतरंज प्रारूपों में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2022 महिला विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इसके अलावा, 2024 महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उन्होंने फाइनल तक पहुँचकर रजत पदक हासिल किया था, लेकिन वह खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाईं।

    बुडापेस्ट ओलंपियाड में भाग न ले पाना

    हम्पी 2024 बुडापेस्ट ओलंपियाड में भारत के स्वर्ण पदक विजेता महिला टीम का हिस्सा नहीं थीं, हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को समर्थन दिया। ओलंपियाड में भारत ने छह स्वर्ण पदक जीते, जिनमें महिला टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण शामिल थे।

    शानदार वापसी

    हम्पी ने 2024 के अंत में रैपिड शतरंज खिताब जीतकर शानदार वापसी की। इस जीत ने उनकी पूरी करियर यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा है और भारतीय शतरंज के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनी है।

    निष्कर्ष

    कोनेरू हम्पी की दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीतने की उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक पल है। उनका यह प्रदर्शन न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का अहम मोड़ है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।

  • Rewind 2024 / भारत का शतरंज में उदय, गुकेश की ऐतिहासिक जीत और 2024 के उभरते शतरंज सितारे

    Rewind 2024 / भारत का शतरंज में उदय, गुकेश की ऐतिहासिक जीत और 2024 के उभरते शतरंज सितारे

    भारत ने हाल के वर्षों में शतरंज की दुनिया में अद्वितीय सफलता प्राप्त की है, और 2024 ने इस सफलता को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। गुकेश की विश्व शतरंज चैंपियनशिप में ऐतिहासिक जीत से लेकर शतरंज ओलंपियाड में भारत के उत्कृष्ट प्रदर्शन तक, यह वर्ष भारत के लिए शतरंज के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ। इस सफलता का खाका खुद विश्वनाथन आनंद ने तैयार किया था, जिनकी शतरंज की दुनिया में भूमिका भारत के लिए अभूतपूर्व रही है।

    गुकेश की ऐतिहासिक जीत: भारत के लिए नया शतरंज आइकन

    2024 में 18 वर्षीय गुकेश डी ने शतरंज के इतिहास में सबसे युवा विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड स्थापित किया। उनका यह सफर फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से शुरू हुआ, जहां उन्होंने सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में यह टूर्नामेंट जीता और विश्व चैंपियनशिप के लिए जगह बनाई। इसके बाद, चीन के डिंग लिरेन को हराकर गुकेश ने 14 राउंड के खिताबी मुकाबले में ऐतिहासिक जीत हासिल की।

    गुकेश की जीत भारतीय शतरंज के लिए एक नई दिशा का प्रतीक है। इस जीत ने पूरे देश के दिलों में एक नई उम्मीद और गर्व का अहसास जगाया। इस सफलता में गुकेश के सहयोगी स्टाफ की भी अहम भूमिका रही, जिनमें विश्वनाथन आनंद और मशहूर मानसिक अनुकूलन कोच पैडी अपटन शामिल थे। गुकेश ने अपने देश की उम्मीदों का भरपूर सामना करते हुए यह खिताब जीता, और यह उनके अद्वितीय खेल कौशल और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है।

    शतरंज ओलंपियाड 2024: भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन

    गुकेश की जीत से पहले, सितंबर 2024 में बुडापेस्ट में हुए शतरंज ओलंपियाड में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने टीम और व्यक्तिगत वर्ग में छह स्वर्ण पदक जीते। पुरुष टीम ने फाइनल में स्लोवेनिया को हराया, जबकि महिला टीम ने अज़रबैजान को मात दी। भारत एक ही ओलंपियाड में महिला और पुरुष दोनों वर्गों का खिताब जीतने वाला तीसरा देश बन गया, इससे पहले यह कारनामा केवल चीन और पूर्व सोवियत संघ ने किया था।

    व्यक्तिगत वर्ग में भी भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीते, जो भारतीय शतरंज की नई पीढ़ी की ताकत को दर्शाता है।

    भारतीय शतरंज के उभरते सितारे

    2024 में भारतीय शतरंज ने कई और महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की। आर प्रज्ञानंद और आर वैशाली ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में खेलने वाले पहले भाई-बहन होने का गौरव प्राप्त किया। इसके अलावा, प्रज्ञानंद ने नॉर्वे शतरंज में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को उनकी ही धरती पर क्लासिकल प्रारूप में हराकर एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया।

    अर्जुन एरिगैसी ने 2800 ईएलओ रेटिंग अंक पार कर आनंद के बाद यह उपलब्धि हासिल की। वह इस समय कार्लसन (2831), फेबियानो कारूआना (2805) और हिकारू नकामूरा (2802) के बाद चौथे स्थान पर हैं। भारत इस समय फिडे टीम रैंकिंग में चौथे स्थान पर है, जो भारतीय शतरंज की ताकत को और अधिक मजबूती से स्थापित करता है।

    भारत में शतरंज का भविष्य: नई उम्मीदें और चुनौतियाँ

    भारत में कुल 64 ग्रैंडमास्टर हैं, जिनमें से अधिकांश 25 वर्ष से कम उम्र के हैं। यह दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में भारत शतरंज की दुनिया में और भी ऊंचाइयों को छुएगा। आगामी वर्ष 2025 में भारतीय खिलाड़ी फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंडस्लैम टूर, फिडे महिला जीपी, फिडे महिला विश्व कप और एशियाई चैंपियनशिप में चुनौती पेश करेंगे।

    निष्कर्ष

    2024 भारतीय शतरंज के इतिहास में एक निर्णायक वर्ष साबित हुआ। गुकेश की जीत, शतरंज ओलंपियाड में भारत की शानदार प्रदर्शन, और भारतीय शतरंज के उभरते सितारे यह सभी घटनाएँ दर्शाती हैं कि भारत अब शतरंज की दुनिया में एक महाशक्ति के रूप में उभरा है। यह केवल शुरुआत है, और भारतीय शतरंज के खेल में भविष्य में और भी कई सफलता की कहानियाँ लिखी जाएंगी।

  • नालागढ़ पीजी कॉलेज के छात्रों ने एचपीयू अंतर महाविद्यालय रेसलिंग चैंपियनशिप में धमाल मचाया

    नालागढ़ पीजी कॉलेज के छात्रों ने एचपीयू अंतर महाविद्यालय रेसलिंग चैंपियनशिप में धमाल मचाया

    सुंदरनगर: एचपीयू (हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय) अंतर महाविद्यालय रेसलिंग मैन और वूमेन चैंपियनशिप 2024 में नालागढ़ पीजी कॉलेज के छात्रों और छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल अपनी कॉलेज की, बल्कि पूरे क्षेत्र की भी गर्व बढ़ाई है। इस प्रतियोगिता में कॉलेज के छात्रों ने ऑल ओवर ट्रॉफी जीती, जबकि छात्राओं ने रनर-अप ट्रॉफी अपने नाम की। यह सफलता न केवल खेलों में उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि कॉलेज और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

    पुरुष और महिला वर्ग में शानदार प्रदर्शन

    प्रतियोगिता में कॉलेज ने पुरुष वर्ग में तीन स्वर्ण और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी धमाकेदार उपस्थिति दर्ज की, जबकि महिला वर्ग में उन्होंने दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। इस बेहतरीन सफलता ने कॉलेज को खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाई।

    नशे से दूर रहने की अपील

    प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय कॉलेज के प्रधानाचार्य, अध्यापकों और कोच को दिया। इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और खेल को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बनाने की अपील की।

    “हमने वहां बहुत कुछ नया सीखा और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए और बेहतर तैयारी करेंगे। रेसलिंग में मुझे गोल्ड मिला और मैंने चार जिलों के बच्चों से मुकाबला किया। यह एक अद्भुत अनुभव था,” एक छात्रा ने बताया।

    महाविद्यालय के स्पोर्ट्स इंचार्ज का संदेश

    महाविद्यालय के स्पोर्ट्स इंचार्ज, प्रोफेसर दिवेश शर्मा ने छात्रों की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “यह कॉलेज और हमारे समुदाय के लिए एक गर्व का पल है। छात्रों को हर संभव सहायता और सुविधाएं दी जाती हैं ताकि वे अपनी खेल और शैक्षणिक उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।”

    उन्होंने आगे कहा, “आजकल के युवा बहुत सी गुमराही का शिकार हो रहे हैं, और खेल इस स्थिति से बाहर आने का एक बेहतरीन जरिया है। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी और मानसिक सुदृढ़ता भी प्रदान करता है।”

    भविष्य की उम्मीदें

    पीजी कॉलेज के छात्रों की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि समर्पण, संघर्ष और सही मार्गदर्शन के साथ कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। छात्रों ने यह भी भरोसा जताया कि वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे और अपने कॉलेज और क्षेत्र का नाम और भी ऊंचा करेंगे।

    इस जीत ने साबित कर दिया कि सही दिशा में मेहनत और समर्पण के साथ कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है, और इसने अन्य छात्रों को भी नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है।