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शतरंज / कोनेरू हम्पी ने रचा इतिहास, दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीती

हिमाचलनाउ डेस्क • 29 Dec 2024 • 1 Min Read

कोनेरू हम्पी, भारत की स्टार ग्रैंडमास्टर और शतरंज की दुनिया में प्रमुख नाम, ने रविवार को इतिहास रचते हुए दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने न केवल उनके व्यक्तिगत करियर को नई ऊंचाई दी, बल्कि भारतीय शतरंज के लिए भी इसे एक ऐतिहासिक पल बना दिया।

दूसरी बार विश्व रैपिड खिताब की विजेता बनीं हम्पी

कोनेरू हम्पी ने इंडोनेशिया की इरीन सुकंदर को हराकर विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। इससे पहले, उन्होंने 2019 में जॉर्जिया में इस प्रतियोगिता में विजय प्राप्त की थी। हम्पी की यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि वह चीन की जू वेनजुन के बाद एक से अधिक बार यह खिताब जीतने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी बनीं। इसके साथ ही, वह भारत की पहली महिला शतरंज खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।

निर्णायक जीत और खिताब पर कब्जा

हम्पी ने 11 में से 8.5 अंक के साथ टूर्नामेंट समाप्त किया, जो उनके लिए एक निर्णायक जीत साबित हुई। इस खिताब को जीतने के लिए उन्हें सिर्फ एक विजय की ही आवश्यकता थी। यदि वह ड्रॉ या हार जातीं, तो उनका खिताब जीतने का सपना टूट जाता। लेकिन हम्पी ने अपने खेल से साबित कर दिया कि वह असाधारण क्षमताओं से भरी हुई हैं।

पुरुष वर्ग में रूस के वोलोदर मुर्जिन की जीत

जहां एक ओर हम्पी ने महिला वर्ग में खिताब जीता, वहीं पुरुष वर्ग में रूस के 18 वर्षीय वोलोदर मुर्जिन ने विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। मुर्जिन इस खिताब को जीतने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने, जबकि इससे पहले नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने 17 साल की उम्र में यह खिताब जीता था।

हम्पी की शानदार वापसी और 2023 में सफलता

हम्पी ने इस जीत के साथ 2023 में भारतीय शतरंज के लिए शानदार समापन किया। इस साल की शुरुआत में ही डी गुकेश ने चीन के डिंग लिरेन को हराकर क्लासिकल शतरंज विश्व चैंपियनशिप में इतिहास रचा था। हम्पी ने रैपिड शतरंज में हमेशा ही उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और उनके लिए यह उपलब्धि बेहद खास है।

2019 में चैंपियनशिप जीतने का पल

हम्पी ने 2019 में जॉर्जिया के बटुमी में विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीतने के बाद शिखर पर पहुंची थीं। उस समय उन्होंने चीन की लेई टिंगजी को आर्मगेडन गेम में हराया था। पिछले साल, 2023 में वह उज़्बेकिस्तान के समरकंद में इसी टूर्नामेंट में रजत पदक जीतने में सफल रही थीं, लेकिन वह रूस की अनास्तासिया बोदनारुक के खिलाफ टाईब्रेक में खिताब से चूक गईं थीं।

अन्य उपलब्धियां और रैपिड शतरंज में निरंतर सफलता

हम्पी ने रैपिड शतरंज के अलावा अन्य शतरंज प्रारूपों में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2022 महिला विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इसके अलावा, 2024 महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उन्होंने फाइनल तक पहुँचकर रजत पदक हासिल किया था, लेकिन वह खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाईं।

बुडापेस्ट ओलंपियाड में भाग न ले पाना

हम्पी 2024 बुडापेस्ट ओलंपियाड में भारत के स्वर्ण पदक विजेता महिला टीम का हिस्सा नहीं थीं, हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को समर्थन दिया। ओलंपियाड में भारत ने छह स्वर्ण पदक जीते, जिनमें महिला टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण शामिल थे।

शानदार वापसी

हम्पी ने 2024 के अंत में रैपिड शतरंज खिताब जीतकर शानदार वापसी की। इस जीत ने उनकी पूरी करियर यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा है और भारतीय शतरंज के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनी है।

निष्कर्ष

कोनेरू हम्पी की दूसरी बार विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीतने की उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक पल है। उनका यह प्रदर्शन न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का अहम मोड़ है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।