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  • नैनीताल / कैंची धाम के पास बारातियों की SUV 60 मीटर खाई में गिरी, तीन की मौत एक घायल बचाया गया

    नैनीताल / कैंची धाम के पास बारातियों की SUV 60 मीटर खाई में गिरी, तीन की मौत एक घायल बचाया गया

    नैनीताल में देर रात कैंची धाम के नजदीक बारातियों की गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। SDRF और पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई में एक घायल को सुरक्षित बचा लिया गया।

    नैनीताल

    देर रात हुआ दर्दनाक हादसा
    अल्मोड़ा से हल्द्वानी जा रही एक SUV शनिवार देर रात कैंची धाम के पास अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ और मौके पर अफरातफरी फैल गई। सूचना मिलते ही SDRF और स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुई।

    SDRF टीम ने अंधेरे और दुर्गम इलाके में चलाया रेस्क्यू
    SDRF पोस्ट खैरना से निरीक्षक राजेश जोशी की टीम तुरंत रतिघाट पहुंची, जहां खाई काफी खतरनाक और इलाका अत्यंत ऊबड़-खाबड़ था। रात के घने अंधेरे में टीम को रस्सियों व स्ट्रेचर की मदद से नीचे उतरकर रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा, जो बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

    एक घायल को बचाया, तीन शव बरामद
    रेस्क्यू टीम को खाई में एक घायल व्यक्ति मनोज कुमार (निवासी अल्मोड़ा) मिला, जिसे सुरक्षित ऊपर लाकर 108 एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। दुर्भाग्यवश, तीन लोगों — संजय बिष्ट, सुरेंद्र भंडारी और पुष्कर भैसोड़ा — की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। SDRF टीम ने कठिन हालात में तीनों शवों को बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया।

    बारात की खुशी मातम में बदली
    हल्द्वानी जा रहे बारातियों को अंदाजा भी नहीं था कि उनका सफर कुछ ही मिनटों में हादसे में बदल जाएगा। स्थानीय लोगों ने SDRF की कार्यशैली की सराहना की और कहा कि रात के समय इस तरह का रेस्क्यू बेहद कठिन होता है, लेकिन टीम ने बिना रुके पूरा अभियान सफल बनाया।

  • केदारनाथ जा रहा हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर उतरा, पायलट की सूझबूझ से टली बड़ी दुर्घटना

    केदारनाथ जा रहा हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर उतरा, पायलट की सूझबूझ से टली बड़ी दुर्घटना

    रुद्रप्रयाग

    बड़ासू क्षेत्र में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित, सह पायलट को हल्की चोटें

    टेकऑफ के तुरंत बाद बिगड़ा संतुलन
    क्रिस्टल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का एक हेलिकॉप्टर जब बड़ासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए रवाना हुआ तो टेकऑफ के कुछ ही क्षणों में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग कर दी। हेलिकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे—पांच यात्री, एक पायलट और एक सह पायलट। सभी सुरक्षित हैं, केवल सह पायलट को मामूली चोट की खबर है।

    प्रशासन ने संभाला मोर्चा
    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। हेलिकॉप्टर सिरसी से उड़ान भरते समय एहतियातन सड़क पर उतारा गया था। यूकाडा की सीईओ सोनिका ने बताया कि घटना की जानकारी डीजीसीए को दे दी गई है और बाकी हेलिकॉप्टर ऑपरेशन्स निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं।

    पहले भी हो चुकी हैं दुर्घटनाएं
    गौरतलब है कि पिछले महीने भी केदारनाथ में हेलिकॉप्टर हादसा हुआ था, जिसमें एम्स ऋषिकेश की हेली एंबुलेंस लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। वहीं 8 मई को गंगोत्री धाम जा रहा एक अन्य हेलिकॉप्टर गंगनानी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में हेलिकॉप्टर के दो टुकड़े हो गए थे और शवों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर काटना पड़ा था।

    सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
    लगातार हो रही इन घटनाओं के चलते तीर्थ यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन से मांग उठ रही है कि सभी ऑपरेटरों की तकनीकी जांच और प्रशिक्षण मानकों को और सख्ती से लागू किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • केदारनाथ में हेली एंबुलेंस की हार्ड लैंडिंग, गंगोत्री हादसे के बाद दूसरी बड़ी घटना

    केदारनाथ में हेली एंबुलेंस की हार्ड लैंडिंग, गंगोत्री हादसे के बाद दूसरी बड़ी घटना

    केदारनाथ

    केदारनाथ धाम में शनिवार को एक बार फिर हेलीकॉप्टर हादसा हुआ। ऋषिकेश एम्स का हेली एंबुलेंस लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एम्स के पीआरओ संदीप कुमार ने हादसे की पुष्टि की है।

    हार्ड लैंडिंग से टूटा टेल बोन
    शनिवार को केदारनाथ हेलिपैड से महज 20 मीटर पहले हेलिकॉप्टर की हार्ड लैंडिंग हुई। इस दौरान हेलीकॉप्टर का टेल बोन टूट गया। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में केवल पायलट सवार था और वह पूरी तरह सुरक्षित है। हेलिकॉप्टर ऋषिकेश से केदारनाथ एक मरीज को लेने आ रहा था।

    एम्स की संजीवनी हेली एंबुलेंस सेवा
    29 अक्तूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश एम्स की संजीवनी हेली एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया था। इस सेवा के तहत मरीजों को तीर्थ स्थलों और दूरदराज के इलाकों से हेली एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया जाता है।

    गंगोत्री में भी हुआ था भयावह हादसा
    आठ मई को गंगोत्री धाम के गंगनानी के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पांच महिलाओं समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। हेलिकॉप्टर के दो टुकड़े हो गए थे और रेस्क्यू टीम को शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।

    हेली सेवा पर उठे सवाल
    लगातार हो रहे हेलीक्रैश हादसों ने हेली सेवा की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र और उत्तराखंड सरकार के 50-50 फीसदी साझेदारी में संचालित होने वाली एम्स की हेली एंबुलेंस सेवा को लेकर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

  • धामी सरकार के बड़े फैसले ने बढ़ाया हिंदू राष्ट्र का गौरव, 17 स्थानो के बदले नाम

    धामी सरकार के बड़े फैसले ने बढ़ाया हिंदू राष्ट्र का गौरव, 17 स्थानो के बदले नाम

    मियां वाला अब रामजी वाला तो चांदपुर खुर्द कहलाएगा पृथ्वीराज नगर और…..

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ देहरादून

    देश के मुख्यमंत्रियों में योगी बाबा के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश में दूसरे बड़े लोकप्रिय मुख्यमंत्री बन गए हैं।पुष्कर सिंह धामी ने जन्म भावनाओं के अनुरूप हरिद्वार देहरादून नैनीताल और उधम सिंह नगर जनपदों के नाम बदल दिए हैं।

    नाम बदलने के इन फैसलों को सातवीं सदी में हुई बड़ी उसे गलती के सुधार के रूप में देखा जा रहा है जिसमें पहले मुस्लिम आक्रांता ने हिंदू राष्ट्र पर पहला प्रहार किया था।

    परिवर्तित नामों की श्रृंखला में देहरादून जिला से मियां वाला का नाम रामजी वाला पीर वाला का नाम केसरी नगर चांदपुर खुर्द का नाम पृथ्वी नगर तथा अब्दुल्लापुर का नाम बदलकर दक्ष नगर कर दिया गया है।

    वही हरिद्वार जिला के अंतर्गत औरंगजेब पुर का नाम बदलकर शिवाजी नगर, गाजीवाली का नाम बदलकर आर्य नगर, चांदपुर को ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट को मोहनपुर जट, खानपुर कुर्साली को अंबेडकर नगर इदरीश पुर का नाम बदलकर नंदपुर ,खानपुर को श्री कृष्णापुरी अकबरपुर फाजलपुर को विजयनगर, आसफ नगर को देवनारायण नगर तथा सलेमपुर राजपूताना को बदलकर शूरसेन नगर कर दिया गया है।

    नैनीताल जिला के अंतर्गत नवाबी रोड का नाम बदलकर अटल मार्ग कर दिया गया है जबकि पन चक्की से आईटीआई मार्ग मार्ग का नाम बदलकर गुरु वलकर मार्ग कर दिया गया है।इसी प्रकार उधम सिंह नगर जिला के अंतर्गत नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी किया गया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार इन जगहों के नाम देश के उन वीरों के नाम पर रखे गए हैं जिनके बलिदान आने वाली पीढियों को हमेशा याद रहे और देश की संस्कृति और सुदृढ़ हो पाए।मुख्यमंत्री के द्वारा लिए गए इस फैसले की चर्चा न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी हो रही है।

  • उत्तराखंड के चमोली में दर्दनाक हादसा, हिमाचल के युवक की मौत

    उत्तराखंड के चमोली में दर्दनाक हादसा, हिमाचल के युवक की मौत

    ग्लेशियर की चपेट में आया ऊना जिले का युवक

    ऊना। उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में हुए एक बड़े हादसे ने हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के कुठार खुर्द गांव के एक युवक की जान ले ली। यह दुखद घटना रविवार दोपहर सामने आई, जब मृतक के परिजनों को सूचना मिली। खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया।

    मृतक की पहचान हरमेश के रूप में हुई, जो कि एक मशीन ऑपरेटर था। वह उत्तराखंड में काम करने गया था, जहां बीते शनिवार को ग्लेशियर की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई

    10 दिन पहले ही आया था घर, बहन की शादी की तैयारियों के बाद लौटा था काम पर

    हरमेश कुछ दिन पहले ही अपने गांव आया था और अपनी छोटी बहन की शादी की तैयारियों को देखने के बाद दोबारा उत्तराखंड लौट गया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

    गरीब परिवार के लिए बड़ा झटका

    हरमेश के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उसके पिता ज्ञान चंद दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। लेकिन हरमेश की नौकरी लगने के बाद घर की हालत में सुधार होने लगा था। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी जिंदगी जल्द बेहतर होगी, लेकिन इस हादसे ने सपनों को चकनाचूर कर दिया

    परिवार में शोक, मां-पिता सदमे में

    हरमेश की मौत ने उसके माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके इकलौते बेटे की असमय मृत्यु ने पूरे परिवार को अंधेरे में धकेल दिया है। उसकी बड़ी बहन की शादी पहले ही हो चुकी थी, जबकि छोटी बहन की शादी की तैयारियां चल रही थीं। इस हादसे के बाद पूरे गांव और परिवार में गम का माहौल है।

  • उत्तराखंड के माणा में एवलांच का कहर , हिमाचल के दो मजदूरों सहित चार की मौत

    उत्तराखंड के माणा में एवलांच का कहर , हिमाचल के दो मजदूरों सहित चार की मौत

    रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, पांच मजदूर अब भी लापता

    उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा में आए भीषण एवलांच में हिमाचल प्रदेश के दो मजदूरों समेत चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान हिमाचल प्रदेश के जितेंद्र सिंह और मोहिंदर पाल, उत्तर प्रदेश के मंजीत यादव और उत्तराखंड के आलोक यादव के रूप में हुई है।

    हादसे में पांच मजदूर अब भी लापता हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश के हरमेश चंद, उत्तर प्रदेश के आशोक, और उत्तराखंड के अनिल कुमार व अरविंद कुमार सिंह शामिल हैं। प्रशासन और राहत दल इनकी तलाश में जुटे हुए हैं।

    55 मजदूर एवलांच में फंसे, 50 को बचाया गया

    एवलांच के दौरान कुल 55 मजदूर फंस गए थे, जिनमें सात हिमाचल प्रदेश के थे, जबकि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के मजदूर भी शामिल थे। बचाव कार्य के दौरान अब तक 50 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

    शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दूसरे दिन 17 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि इससे पहले 33 मजदूरों को बचाया गया था। हालांकि, गंभीर रूप से घायल चार मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    इन राज्यों के मजदूर फंसे थे

    फंसे हुए मजदूरों में बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 11-11 मजदूर, हिमाचल प्रदेश के सात, जबकि जम्मू-कश्मीर और पंजाब के एक-एक मजदूर शामिल थे। इनमें से 13 मजदूरों की कोई जानकारी या संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं है, जिससे उनकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    प्रशासन और राहत दल लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि लापता मजदूरों को जल्द से जल्द खोजा जा सके और सुरक्षित निकाला जा सके।

  • हरिद्वार / मौनी अमावस्या 50 वर्षों बाद बना दुर्लभ त्रिवेणी योग, हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब

    हरिद्वार / मौनी अमावस्या 50 वर्षों बाद बना दुर्लभ त्रिवेणी योग, हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब

    माघ कृष्ण अमावस्या को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मौन रहकर स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस बार 50 वर्षों बाद मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी योग बन रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है।


    मौनी अमावस्या का महत्व

    👉 मौनी अमावस्या का नाम “मुनि” शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ध्यान और मौन
    👉 इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान और तप करने से पितर प्रसन्न होते हैं
    👉 कहा जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन ही ऋषि मनु का जन्म हुआ था


    50 वर्षों बाद बना विशेष योग

    इस बार मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी योग के साथ चार अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं:

    1️⃣ त्रिवेणी योग: मकर राशि में सूर्य, चंद्रमा और बुध के संचार से बन रहा है।
    2️⃣ बुध आदित्य योग: बुद्धि और ज्ञान को बल देने वाला शुभ योग।
    3️⃣ मालव्य योग: सौभाग्य और ऐश्वर्य प्रदान करने वाला योग।
    4️⃣ शशराज योग: राजयोग में शामिल, सफलता और यश दिलाने वाला योग।
    5️⃣ सर्वार्थ सिद्धि योग: सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला योग।

    👉 गंगा स्नान करने से त्रिवेणी यानी संगम स्नान का पुण्य फल प्राप्त होता है।


    हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर हरिद्वार के हर की पैड़ी घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    🔹 सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु जयकारों के साथ घाटों पर पहुंचे
    🔹 स्नान और दान-पुण्य के बाद भक्तिमय माहौल में दिन की शुरुआत हुई।
    🔹 शिवालयों और शक्तिपीठों में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
    🔹 प्रयागराज में महाकुंभ होने के बावजूद कई राज्यों के श्रद्धालु हरिद्वार में स्नान के लिए पहुंचे


    सुरक्षा और यातायात व्यवस्था

    स्नान पर्व को देखते हुए पुलिस ने विशेष यातायात प्लान जारी किया है:

    🚫 सुबह 6 बजे से स्नान संपन्न होने तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा
    🚧 चंडी चौक से वाल्मीकि चौक, शिवमूर्ति चौक और भीमगोड़ा बैरियर तक ‘जीरो जोन’ घोषित किया गया है।


    मौनी अमावस्या पर पूजा-पाठ का महत्व

    🔸 यह दिन भगवान विष्णु और पितरों को समर्पित है।
    🔸 स्नान के बाद भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने का विशेष महत्व है।
    🔸 दान-पुण्य और जप-तप करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है


    मौनी अमावस्या 2025 एक अत्यंत दुर्लभ संयोग लेकर आई है, जिसमें त्रिवेणी योग सहित पांच शुभ योग बन रहे हैं। इस अवसर पर हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहापवित्र स्नान, दान और तप से यह दिन मोक्ष प्राप्ति और पुण्य अर्जित करने का सबसे उत्तम समय माना जाता है

  • उत्तराखंड: पौड़ी में दर्दनाक हादसा, श्रीनगर के लिए निकली बस खाई में गिरी, चार की मौत की आशंका

    उत्तराखंड: पौड़ी में दर्दनाक हादसा, श्रीनगर के लिए निकली बस खाई में गिरी, चार की मौत की आशंका

    पौड़ी, उत्तराखंड – रविवार को उत्तराखंड के पौड़ी जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक मिनी बस श्रीनगर के लिए जाते समय अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा दोपहर करीब तीन बजे हुआ था।

    हादसे का विवरण

    सूचना के अनुसार, मिनी बस संख्या (UK12PB0177) पौड़ी बस अड्डे से केंद्रीय विद्यालय होते हुए श्रीनगर के लिए निकली थी। रास्ते में जब बस तहसील पौड़ी के कोठार बैंड के पास पहुंची, तो अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में गिर गई। बस में लगभग 18 यात्री सवार थे, जिनमें से चार लोगों की मौत हो सकती है, जबकि अन्य घायल हो गए हैं।

    रेस्क्यू अभियान

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घायलों की मदद के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सभी घायलों को सुरक्षित रूप से निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पौड़ी लाया गया। प्रशासन द्वारा भी तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया।

    प्रशासनिक कार्रवाई

    जिलाधिकारी आशीष चौहान ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया। साथ ही, उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को इस हादसे की जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि कारणों का पता चल सके और भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

    घटनास्थल पर क्या हो रहा है

    रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और प्रशासन ने सभी प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। पुलिस और प्रशासन की टीम दुर्घटनास्थल पर मौजूद है, और वे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।