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CBSE Schools / हिमाचल में शिक्षा विभाग ने 18 नए सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

CBSE Schools : हिमाचल प्रदेश में CBSE स्कूलों की मांग बढ़ने के चलते शिक्षा विभाग ने 18 नए सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है। शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने और कक्षाएं नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं।

शिमला

हिमाचल में CBSE स्कूल विस्तार की प्रक्रिया

हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राज्य के सरकारी स्कूलों को CBSE से संबद्ध करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 151 सरकारी स्कूल पहले से CBSE से जुड़े हुए हैं।शिक्षा विभाग का मानना है कि CBSE पैटर्न से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी समान शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।

CBSE के लिए चयनित स्कूलों की सूची

शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची में जिला बिलासपुर का पंजागाई स्कूल शामिल किया गया है। वहीं हमीरपुर जिले के जलारी, कोटला, ठाकुरद्वारा और लंज स्कूलों को भी CBSE से जोड़ने के लिए चयनित किया गया है।कांगड़ा जिले से चढिय़ार, जीएसएस कोटली, जीएसएस चौंतरा, बॉलीचौकी और जीएसएस पधर स्कूलों को सूची में शामिल किया गया है। मंडी जिले से पांगना और तीबान स्कूल इस प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं।

शिमला और सिरमौर जिले के स्कूल शामिल

शिमला जिले से टिककर, मतियाना, ननखड़ी और अंबोया स्कूलों को CBSE संबद्धता के लिए शामिल किया गया है। सिरमौर जिले से जगून और जीएसएस सराहन स्कूल को भी इस सूची में रखा गया है।इन स्कूलों के जुड़ने के बाद प्रदेश में CBSE स्कूलों की संख्या में और वृद्धि होगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

शिक्षा विभाग के निर्देश और क्रियान्वयन

शिक्षा निदेशालय ने सभी चयनित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। साथ ही CBSE मानकों के अनुसार कक्षाएं समय पर शुरू करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और छात्रों को समान अवसर प्रदान करना है।