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Census 2027 / चंबा में जनगणना-2027 के लिए सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया शुरू, नागरिकों से सहभागिता की अपील

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Census 2027 : उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण में नागरिकों से सेल्फ एन्यूमरेशन के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं पंजीकरण कर सकेंगे।

चंबा

Digital Census 2027 की विस्तृत प्रक्रिया और उद्देश्य
जनगणना-2027 को भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना, आर्थिक स्थिति और भौगोलिक वितरण से जुड़ा एक सटीक, अद्यतन और व्यापक डेटाबेस तैयार करना है। उपायुक्त एवं जिला जनगणना अधिकारी मुकेश रेपसवाल ने बताया कि यह प्रक्रिया केवल जनसंख्या गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और विकास की दिशा का विस्तृत विश्लेषण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों, योजनाओं के निर्माण, बजट आवंटन और विकास प्राथमिकताओं को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इसमें हर नागरिक की सटीक भागीदारी आवश्यक है।

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया
जनगणना-2027 को व्यवस्थित रूप से दो चरणों में पूरा किया जाएगा, ताकि प्रत्येक स्तर पर विस्तृत और सटीक जानकारी एकत्र की जा सके। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना की जाएगी, जिसमें प्रत्येक घर, भवन और परिवार से जुड़ी जानकारी एकत्र होगी, जैसे मकान की संरचना, उपयोग की स्थिति, पेयजल स्रोत, शौचालय सुविधा, बिजली कनेक्शन, इंटरनेट उपलब्धता, खाना पकाने के ईंधन का प्रकार तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा स्तर, व्यवसाय, रोजगार स्थिति, प्रवास विवरण, भाषा और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का विस्तृत डेटा दर्ज किया जाएगा। यह दो चरणीय प्रक्रिया देश की वास्तविक जनसांख्यिकीय स्थिति को अधिक स्पष्ट और वैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत करेगी।

सेल्फ एन्यूमरेशन सुविधा से नागरिक स्वयं दर्ज करेंगे जानकारी
इस डिजिटल जनगणना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना) प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार और आवास से संबंधित जानकारी निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल https://se.census.gov.in पर दर्ज कर सकेंगे। यह पोर्टल 1 जून से 15 जून तक सक्रिय रहेगा, जिसमें नागरिक अपने मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे। पंजीकरण पूर्ण होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) प्रदान की जाएगी, जिसका उपयोग आगे जनगणना सत्यापन प्रक्रिया में किया जाएगा। यह प्रणाली न केवल डेटा संग्रह को सरल बनाएगी बल्कि समय की बचत के साथ अधिक पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगी।

पंजीकरण, सत्यापन और अंतिम सबमिशन प्रक्रिया
पंजीकरण के बाद नागरिकों को अपने परिवार के मुखिया की विस्तृत जानकारी दर्ज करनी होगी और अपने आवास का सटीक स्थान डिजिटल मानचित्र पर चिन्हित करना अनिवार्य होगा। इसके पश्चात एक विस्तृत प्रश्नावली भरनी होगी, जिसे पहले ड्राफ्ट के रूप में सुरक्षित किया जा सकेगा ताकि आवश्यक होने पर अंतिम सबमिशन से पहले विवरणों की पुनः समीक्षा की जा सके। सभी विवरणों को जांचने और पुष्टि करने के बाद “सबमिट करें” विकल्प के माध्यम से अंतिम रूप से डेटा जमा किया जाएगा। एक बार अंतिम सबमिशन हो जाने के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा, इसलिए नागरिकों को सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी गई है।

गोपनीयता और अंतिम सत्यापन व्यवस्था
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं सरकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। जनगणना अधिनियम के तहत इस डेटा को किसी भी प्रकार से सार्वजनिक नहीं किया जाएगा और न ही इसका उपयोग किसी व्यक्तिगत जांच या प्रशासनिक कार्रवाई के लिए किया जाएगा। आगे जनगणना कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) के माध्यम से जानकारी का मिलान किया जाएगा। यदि ऑनलाइन दर्ज जानकारी और फील्ड सत्यापन में मेल पाया जाता है, तो डेटा को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया जाएगा, अन्यथा आवश्यक विवरण पुनः एकत्र किए जाएंगे ताकि रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

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