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Chaitra Month Vrat Tyohar: रंग पंचमी से लेकर हनुमान जयंती तक, चैत्र महीने में हैं ये प्रमुख व्रत-त्योहार, देखें लिस्ट

हिमाचलनाउ डेस्क • 15 Mar 2025 • 1 Min Read

Chaitra Month Vrat Tyohar: चैत्र के महीने में रंग पंचमी, नवरात्रि और हनुमान जयंती जैसे कई प्रमुख त्योहार आएंगे। यहां देखें सभी प्रमुख व्रत-त्योहारों की लिस्ट।

Chaitra Month Vrat Tyohar: चैत्र हिंदू पंचांग का प्रथम माह है। हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इसलिए चैत्र को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र महीना माना जाता है। इस माह में रंग पंचमी, नवरात्रि और हनुमान जयंती जैसे प्रमुख त्योहार भी आते हैं। साथ ही इस महीने में रखे जाने वाले एकादशी व्रत का भी अपना अलग महत्व है। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि सृष्टि के रचियता ब्रह्मा जी ने इसी माह में सृष्टि की रचना की थी। इस महीने व्रत रखने और ईश्वर का ध्यान करने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं चैत्र के महीने में आने वाले सभी प्रमुख व्रत-त्योहारों के बारे में। 

चैत्र माह 2025

चैत्र माह की शुरुआत कृष्ण प्रतिपदा तिथि यानि 15 मार्च से होगी। वहीं इस महीने का समापन चैत्र पूर्णिमा के दिन 12 अप्रैल को होगा। इसी महीने में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का पावन पर्व नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होगा। 

चैत्र माह 2025 व्रत त्योहार

  • चैत्र माह प्रारंभ– 15 मार्च 2025
  • भ्रातृ द्वितीया- 16 मार्च 2025 
  • भालचद्र संकष्टी चतुर्थी- 17 मार्च 2025 
  • रंग पंचमी- 19 मार्च 2025
  • शीतला सप्तमी- 21 मार्च 2025
  • शीतला अष्टमी, कालाष्टमी- 22 मार्च 2025 
  • पापमोचिनी एकादशी- 25 मार्च 2025  
  • प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि- 27 मार्च 2025
  • सूर्य ग्रहण, अमावस्या- 29 मार्च 2025
  • गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष प्रारंभ- 30 मार्च 2025
  • रामनवमी- 06 अप्रैल 2025 
  • कामदा एकादशी- 08 अप्रैल 2025
  • चैत्र पूर्णिमा, हनुमान जयंती- 12 अप्रैल 2025

हिंदू नववर्ष

चैत्र महीने में 30 मार्च से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होगी। इस साल हिंदू नववर्ष 2028 शुरू होगा। इसी दिन से माता के नौ रूपों की पूजा भी की जाती है। इस बार हिंदू नए साल की शुरुआत रविवार के दिन से हो रही है, इसलिए साल के राजा सूर्य होंगे। सूर्य के नववर्ष का राजा होने से राजनीतिक क्षेत्र में उथल-पुथल हो सकती है। वहीं किसानों के लिए भी समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है।