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वन अधिकार दावों पर प्रशासन का निर्देश, दस्तावेज अधूरे हों तो पूरी फाइल न लौटाएं

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

चंबा में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत लंबित दावों का निस्तारण तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने अधिकारियों से कहा कि किसी दावे में दस्तावेज की कमी मिलने पर पूरी फाइल वापस न भेजी जाए। इसके बजाय संबंधित पक्ष से केवल आवश्यक या अधूरे दस्तावेज तय समय सीमा के भीतर मंगवाए जाएं, ताकि पात्र लोगों को अधिनियम का लाभ समय पर मिल सके और मामलों में अनावश्यक देरी न हो।

चंबा

उपायुक्त कार्यालय में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला के दौरान वन अधिकार अधिनियम के तहत आने वाले मामलों की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि दस्तावेज कम होने पर पूरी फाइल लौटाने से प्रक्रिया लंबी होती है। ऐसे मामलों में संबंधित पक्ष को केवल कम या अधूरे दस्तावेज दुरुस्त कर उपलब्ध करवाने के लिए कहा जाए। यह कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करवाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

दावा निस्तारण में तेजी लाने पर जोर

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नई व्यवस्था से फाइलों को बार-बार वापस भेजने में लगने वाला समय बचेगा और वन अधिकार से जुड़े दावों के निस्तारण में तेजी आएगी। कार्यशाला में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लोगों तक इसका लाभ शीघ्र पहुंचाने के लिए प्रक्रिया को अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने मामलों के निस्तारण में सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और आवश्यक सुधारों पर भी चर्चा की।

समितियों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश

कार्यशाला में वन अधिकार समितियों, उपमंडल स्तरीय समितियों और जिला स्तरीय समिति के अधिकारियों के साथ इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान वन अधिकार अधिनियम के महत्व, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और प्रक्रिया में आवश्यक सुधार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। संबंधित समितियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पात्र लोगों को समयबद्ध तरीके से लाभ उपलब्ध करवाने पर सहमति जताई गई।

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