500 करोड़ के क्रिप्टो निवेश मामले में ED की कार्रवाई, तकनीकी प्रमुख सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हिमाचल प्रदेश से जुड़े लगभग ₹500 करोड़ के कथित क्रिप्टो निवेश मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोपियों को 12 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा है, जबकि एजेंसी वित्तीय लेनदेन, क्रिप्टो वॉलेट और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच आगे बढ़ा रही है।
शिमला
तीन आरोपियों को ईडी ने किया गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश से जुड़े लगभग 500 करोड़ रुपये के कथित क्रिप्टो निवेश मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच के दौरान मिलन गर्ग, सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा को गिरफ्तार किया है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों को विशेष पीएमएलए अदालत, शिमला में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 12 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। एजेंसी की जांच हिमाचल प्रदेश और पंजाब में दर्ज मामलों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश का आरोप
ईडी के अनुसार जांच में सामने आया है कि कोर्वियो, डीजीटी, हाइपनैक्स्ट और ए-ग्लोबल नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेशकों को क्रिप्टो निवेश पर अधिक रिटर्न का दावा किया गया। एजेंसी का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में लोगों से निवेश जुटाया गया, जिसकी वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है।
2.48 लाख से अधिक निवेशकों का उल्लेख
जांच एजेंसी के अनुसार वर्ष 2018 से संचालित कथित नेटवर्क से 2.48 लाख से अधिक लोगों को जोड़ा गया। ईडी का कहना है कि इस मामले में लगभग 219 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है तथा निवेशकों को लगभग 500 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। एजेंसी के अनुसार मिलन गर्ग नेटवर्क की तकनीकी गतिविधियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहा था।
प्रमोटरों की भूमिका की भी जांच
ईडी के अनुसार सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा कथित तौर पर शुरुआती प्रमोटरों में शामिल थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने निवेश जुटाने, नकदी एकत्र करने तथा उसे मुख्य संचालकों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। साथ ही अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्तियों और वित्तीय लाभ की भी जांच की जा रही है।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
ईडी ने बताया कि इस मामले में हेमराज और मासूम जुनेजा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं एजेंसी के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। जांच के तहत धन के प्रवाह, विदेशों तक पहुंचे निवेश, क्रिप्टो वॉलेट्स और संबंधित संपत्तियों की जांच जारी है।