Crime / सुकेत वन मंडल में अवैध देवदार कटान और लकड़ी तस्करी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
Crime : सुकेत वन मंडल के जयदेवी वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध रूप से काटी गई देवदार की लकड़ी के परिवहन के दौरान एक पिकअप वाहन को पकड़कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में लकड़ी, वाहन और कटे हुए पेड़ों से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है।
मंडी
गश्त के दौरान वन विभाग ने की कार्रवाई
सुकेत वन मंडल के अंतर्गत जयदेवी वन परिक्षेत्र की टीम ने सोमवार तड़के डिमार्केटेड संरक्षित वन च्योरा क्षेत्र में गश्त के दौरान एक पिकअप वाहन (एचपी-31डी-5472) को रोका। उप वन क्षेत्राधिकारी रामलाल के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान टीम ने पांच व्यक्तियों को वाहन में देवदार की लकड़ी लोड करते हुए पाया। वन विभाग के अनुसार दो व्यक्ति मौके से चले गए, जबकि तीन आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
वाहन और घटनास्थल से देवदार की लकड़ी बरामद
वन विभाग की टीम ने पिकअप वाहन से देवदार की लकड़ी के 10 पीस तथा सड़क किनारे परिवहन के लिए रखे गए 15 अन्य पीस बरामद किए। विभाग के अनुसार आरोपियों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध ट्रांजिट परमिट अथवा अन्य अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच के दौरान बरामद लकड़ी पर वन विभाग का अनिवार्य प्रॉपर्टी हैमर मार्क भी अंकित नहीं पाया गया।
निरीक्षण में नौ देवदार के पेड़ कटे मिले
घटनास्थल के निरीक्षण में वन विभाग ने पाया कि डिमार्केटेड संरक्षित वन च्योरा क्षेत्र से देवदार के कुल नौ वृक्ष अवैध रूप से काटे गए थे। इनमें छह चतुर्थ श्रेणी तथा तीन पंचम श्रेणी के वृक्ष शामिल हैं। विभाग के अनुसार बरामद लकड़ी का कुल आयतन 1.230 घन मीटर है, जबकि इसका अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1.40 लाख रुपये आंका गया है। मामले में पुलिस चौकी निहरी को लिखित शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।
वन विभाग ने सभी वन ब्लॉकों के लिए जारी किए निर्देश
उप वन संरक्षक सुकेत राकेश कटोच ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ भारतीय वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त वाहन और बरामद लकड़ी की जब्ती संबंधी कार्यवाही न्यायालय में की जाएगी। उन्होंने बताया कि सुकेत वन मंडल के छह वन परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी 19 वन ब्लॉकों में प्रत्येक सप्ताह रात्रि नाके और नियमित गश्त के स्थायी निर्देश जारी किए गए हैं। उनका कहना है कि वन अपराधों की रोकथाम के लिए विभाग निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रखेगा।