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Crime / शिमला स्कूल संचालिका हत्या मामले में दोनों आरोपी 7 दिन के पुलिस रिमांड पर, साजिशकर्ता की जांच तेज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 6 Hours Ago • 1 Min Read

Crime : दोनों आरोपियों को जिला अदालत ने 22 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहां उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां हत्या की साजिश, संभावित साजिशकर्ताओं और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।

शिमला

अदालत ने पुलिस रिमांड की मंजूरी दी

शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से विस्तृत पूछताछ, घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और मामले से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की जांच के लिए रिमांड की मांग की थी। अदालत ने पुलिस की दलीलों पर विचार करते हुए दोनों आरोपियों को 22 जून तक सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। जांच एजेंसियां इस अवधि के दौरान आरोपियों की गतिविधियों, संपर्कों और वारदात से पहले तथा बाद की परिस्थितियों की पड़ताल करेंगी।

कोर्ट नंबर-5 में हुई पेशी

दोनों आरोपियों को जिला अदालत के कोर्ट नंबर-5 में सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य जांच बिंदुओं को लेकर आरोपियों से आगे पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने जांच की आवश्यकता को देखते हुए पुलिस रिमांड की अनुमति प्रदान की। अब पुलिस रिमांड अवधि के दौरान विभिन्न तथ्यों का सत्यापन करेगी और उपलब्ध साक्ष्यों का आरोपियों के बयानों से मिलान किया जाएगा।

रोहतक से हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को घटना के लगभग 40 घंटे के भीतर हरियाणा के रोहतक क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान 22 वर्षीय आशीष निवासी झज्जर और 25 वर्षीय दीपक निवासी रोहतक के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद दोनों आरोपी लगातार स्थान बदलते रहे और मुख्य मार्गों के बजाय वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करते रहे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्टल बरामद की हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां हथियारों के स्रोत और उनके उपयोग से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।

हत्या की घटना की जांच जारी

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम भट्टाकुफर स्थित एक निजी स्कूल के बाहर मनीषा मित्तल पर गोलीबारी की घटना हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और विभिन्न स्तरों पर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले में जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों का विश्लेषण भी जारी है।

साजिश और उद्देश्य की पड़ताल

जांच का प्रमुख फोकस अब इस बात पर है कि घटना की योजना किस स्तर पर बनाई गई और इसके पीछे संभावित उद्देश्य क्या था। पुलिस आरोपियों के संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और हालिया गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच के दौरान कुछ पारिवारिक और संपत्ति संबंधी पहलू भी सामने आए हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पड़ताल की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी संभावित कारण, विवाद या व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष साझा नहीं किया है।

रिमांड अवधि रहेगी महत्वपूर्ण

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सात दिन की रिमांड अवधि जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों का सत्यापन और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि घटना की योजना और क्रियान्वयन में अन्य व्यक्तियों की कोई भूमिका रही है या नहीं। मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर जारी है और पुलिस आगामी सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है।

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