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धर्मशाला में एफपीओ प्रशिक्षण पूरा, 28 प्रतिनिधियों ने बनाया तीन साल का कारोबारी खाका

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 9 Hours Ago • 1 Min Read

धर्मशाला स्थित जिला उद्योग केंद्र में कांगड़ा और चंबा जिलों के किसान उत्पादक संगठनों के लिए आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हुआ। रैम्प योजना के तहत हुए इस कार्यक्रम में 28 प्रतिनिधियों ने एफपीओ संचालन, वित्तीय प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार का प्रशिक्षण लिया। समापन से पहले प्रत्येक एफपीओ ने अगले तीन वर्षों के व्यावसायिक विस्तार के लिए अपना कमर्शियल ब्लूप्रिंट भी तैयार किया।

धर्मशाला

उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित और सरकारी उपक्रम निटकॉन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित कार्यक्रम का शुभारंभ 28 सितंबर को जिला उद्योग केंद्र, कांगड़ा के महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरियाल ने किया था। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि एफपीओ केवल कृषि उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क के माध्यम से आय के नए स्रोत विकसित करें। उन्होंने मजबूत किसान उत्पादक संगठनों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण बताया।

प्रशिक्षण में कांगड़ा और चंबा के विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों के निदेशक मंडल सदस्यों, अध्यक्षों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और लेखाकारों सहित कुल 28 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन हिमोर्ड के निदेशक डॉ. आरएस मिन्हास, उप निदेशक सचिन, रितेश अग्रवाल और शुभम ने किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को एफपीओ के प्रभावी संचालन, वित्तीय प्रबंधन, उत्पाद विकास और बाजार विस्तार से जुड़े तकनीकी तथा व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।

लागत निर्धारण से गुणवत्ता मानकों तक प्रशिक्षण

पहले दिन संगठनात्मक नेतृत्व, कच्चे माल की खरीद लागत, कार्यशील पूंजी और लागत निर्धारण पर प्रशिक्षण दिया गया। गतिविधि आधारित लागत लैब के माध्यम से वास्तविक प्रसंस्करण लागत निकालने और उत्पादों का उचित मूल्य तय करने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। दूसरे दिन प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक खाद्य प्रसंस्करण, मशीनरी की व्यवहार्यता, मूल्य संवर्धन तथा खाद्य उत्पादों के लिए आवश्यक एफएसएसएआई और जैविक प्रमाणीकरण से संबंधित नियमों एवं प्रक्रियाओं पर जानकारी साझा की गई।

तीसरे दिन आधुनिक पैकेजिंग तकनीक, ग्रामीण उत्पादों की प्रभावी ब्रांड पहचान, जीआई टैगिंग और ओएनडीसी जैसे डिजिटल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने की रणनीतियों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न एफपीओ ने अपने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई। विशेषज्ञों ने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुतीकरण और बाजार क्षमता का अवलोकन कर सुधार के सुझाव दिए, ताकि प्रतिभागी अपने उत्पादों को बाजार की मांग के अनुरूप विकसित कर सकें।

तीन वर्षों के लिए व्यावसायिक लक्ष्य निर्धारित

समापन से पहले प्रत्येक एफपीओ ने आगामी तीन वर्षों के लिए व्यावसायिक विस्तार का कमर्शियल ब्लूप्रिंट तैयार किया। इसमें भविष्य की गतिविधियों, उत्पाद विस्तार, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लक्ष्य शामिल किए गए। प्रमाणपत्र वितरण समारोह में जिला उद्योग केंद्र, कांगड़ा के महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरियाल ने प्रशिक्षकों की उपस्थिति में सभी 28 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और प्रशिक्षण में मिले ज्ञान को अपने संगठनों की व्यावसायिक गतिविधियों में लागू करने के लिए प्रेरित किया।

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