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धर्मशाला में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम, डॉ. बिंदल ने महिला सशक्तिकरण को बताया राष्ट्रीय शक्ति

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / धर्मशाला

धर्मशाला में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने महिला सशक्तिकरण और केंद्र सरकार की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करेगा।

धर्मशाला

नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
धर्मशाला में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा, कांगड़ा विधायक पवन काजल, सुलह विधायक विपिन सिंह परमार सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली, जहां महिला सशक्तिकरण और उनकी भूमिका पर चर्चा की गई।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर डॉ. बिंदल का बयान
डॉ. बिंदल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि लोकतंत्र को अधिक मजबूत और संतुलित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में अधिक संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण आएगा। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस पहल बताया।

महिला कल्याण योजनाओं का विस्तृत उल्लेख
अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है, जबकि पोषण 2.0 के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए लाखों लाभार्थियों को सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया है। उन्होंने बताया कि करोड़ों महिलाएं लखपति दीदी योजना से आत्मनिर्भर बन रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार का उल्लेख
उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में पहले की तुलना में उल्लेखनीय कमी आई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बालिकाओं की भागीदारी बढ़ी है और उच्च शिक्षा व शोध में महिलाओं की उपस्थिति लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक बदलाव बताया।

निष्कर्ष और संदेश
अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि नए भारत के निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य “सशक्त नारी, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र” की अवधारणा को आगे बढ़ाना है, जिससे हर महिला आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।