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डॉ. अजर नाथ यादव को मिला विश्व में प्रथम स्थान, बायोटेक्नोलॉजी में उत्कृष्ट योगदान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 31 Jan 2025 Edited 14 Mar 1 min read

ScholarGPS – 2024 में शीर्ष स्थान, 3 करोड़ विद्वानों में शीर्ष 0.05% में शामिल

बरू साहिब, 30 जनवरी। इटरनल यूनिवर्सिटी के डॉ. खेम सिंह गिल अकाल कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के सहायक प्रोफेसर डॉ. अजर नाथ यादव को “ScholarGPS – 2024” द्वारा बायोटेक्नोलॉजी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, उन्हें विश्वभर के 3 करोड़ विद्वानों में शीर्ष 0.05% उच्च श्रेणीबद्ध विद्वान के रूप में मान्यता दी गई है।

कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता में उत्कृष्ट शोध कार्य

डॉ. यादव ने कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध कार्यों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है। उन्होंने अब तक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 395 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। इसके अलावा, उनकी 35 अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकें Springer-Nature, Elsevier, Wiley, Taylor & Francis जैसी प्रतिष्ठित प्रकाशन कंपनियों द्वारा प्रकाशित की गई हैं।

वैश्विक मान्यता और शोध योगदान के लिए सम्मान

डॉ. अजर नाथ यादव को यह पुरस्कार उनके शोध पत्रों और पुस्तकों के प्रभावशाली योगदान के लिए दिया गया है, जो कि विश्वभर की प्रतिष्ठित प्रकाशन कंपनियों द्वारा प्रकाशित किए गए हैं। इस उपलब्धि ने भारतीय विज्ञान और शोध क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहचान स्थापित की है।

इटरनल यूनिवर्सिटी ने दी बधाई

डॉ. यादव की इस उपलब्धि पर इटरनल यूनिवर्सिटी के माननीय चांसलर डॉ. दविंदर सिंह, कुलपति डॉ. जसविंदर सिंह और अकादमिक मामलों के डीन डॉ. टी.एस. बनिपाल ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके इस वैश्विक सम्मान को संस्थान के लिए गर्व का विषय बताया।