Loading...

चुनाव ड्यूटी में खाना बनाने के आदेश का आंगनवाड़ी यूनियन ने किया कड़ा विरोध

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन ने चुनाव ड्यूटी के दौरान भोजन तैयार करने के आदेश का कड़ा विरोध किया है। यूनियन ने इसे महिला कर्मियों पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की है। साथ ही महिला सुरक्षा और कार्यभार को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

शिमला

आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने चुनाव ड्यूटी के दौरान मतदान प्रक्रिया से जुड़े कर्मियों के लिए भोजन तैयार करने संबंधी जारी आदेशों का कड़ा विरोध जताया है। यूनियन ने इसे महिला कर्मियों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला निर्णय बताते हुए आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की है।यूनियन की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि आंगनवाड़ी कर्मियों पर पहले से ही कार्य का अत्यधिक दबाव है। ऐसे में चुनाव ड्यूटी के दौरान भोजन तैयार करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। यूनियन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में शामिल टीमें मतदान से एक दिन पहले ही पोलिंग बूथ पर पहुंच जाती हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आंगनवाड़ी कर्मी अपने नियमित दायित्व निभाएंगी या फिर चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों के लिए भोजन तैयार करेंगी।

यूनियन ने महिला सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। प्रेस नोट में कहा गया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत महिला कर्मी कार्यरत हैं, जबकि चुनाव ड्यूटी में शामिल टीमों में अधिकतर पुरुष कर्मचारी होते हैं। ऐसे में भोजन तैयार करने और व्यवस्था संभालने में देर रात तक समय लग सकता है। इससे महिला कर्मियों की सुरक्षा और उनके घर लौटने की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।यूनियन ने कहा कि इससे पहले कभी भी आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्परों की ड्यूटी रात के समय नहीं लगाई गई है। ऐसे आदेश महिला कर्मियों के लिए व्यावहारिक और सुरक्षा संबंधी कठिनाइयां पैदा कर सकते हैं।

आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू की अध्यक्ष नीलम जैसवाल और सचिव वीना शर्मा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए और आंगनवाड़ी कर्मियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त कार्य जबरन न करवाया जाए। उन्होंने कहा कि महिला कर्मियों की परिस्थितियों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।