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Rang Panchami 2026 / रंग पंचमी यानी देवताओं की होली, इस दिन खूब उड़ाया जाता है गुलाल, क्या जानते हैं क्यों मनाया जाता है ये त्योहार

By हिमाचलनाउ डेस्क Published: 6 Mar 2026, 1:43 PM | Updated: 6 Mar 2026, 1:45 PM 1 min read

Rang Panchami 2026: होली की तरह ही रंग पंचमी के त्योहार का भी विशेष महत्व माना जाता है। ये त्योहार मुख्य रूप से मथुरा-वृंदावन, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मनाया जाता है। इस दिन आसमान में रंग उड़ाने की विशेष परंपरा निभाई जाती है। चलिए आपको बताते हैं रंग पंचमी का त्योहार कब और क्यों मनाया जाता है।

Rang Panchami 2026: रंग पंचमी का त्योहार होली के 5वें दिन मनाया जाता है और हिंदू पंचांग अनुसार ये पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता होली खेलने धरती पर आते हैं इसलिए ही इस पर्व को देव पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं इस त्योहार पर आसमान की तरफ गुलाल उड़ाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर खूब कृपा बरसाते हैं। चलिए जानते हैं इस साल कब मनाई जाएगी रंग पंचमी और कैसे हुई इस पर्व की शुरुआत।

रंग पंचमी 2026 कब है (Rang Panchami 2026 Date)

रंग पंचमी का त्योहार 8 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन पंचमी तिथि रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। रंग पंचमी का पर्व होली के पांचवें दिन मनाया जाता है।

रंग पंचमी क्यों मनाई जाती है (Rang Panchami Kyu Manai Jati Hai)

रंग पंचमी का पर्व भगवान कृष्ण द्वारा राधा रानी के साथ गुलाल की होली खेलने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न मन्दिरों में रंगोत्सव और विशेष झांकियों का आयोजन किया जाता है। इस दिन जगह-जगह अनेक प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। सड़कों पर बड़ी संख्या में होली खेलने वाले हुरियारों का समूह निकलता है। बता दें रंग पंचमी का त्योहार मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, ब्रज और महाराष्ट्र में मनाया जाता है। 

रंग पंचमी का महत्व (Rang Panchami Ka Mahatva)

भगवान कृष्ण की नगरी ब्रज में होली पर्व का समापन रंग पंचमी के साथ ही होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन समस्त देवगण होली खेलनी पृथ्वीलोक पर आते हैं। ऐसे में देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से लोग इस दिन आसमान की तरफ रंग-गुलाल उड़ाते हैं। जिससे देवता प्रसन्न होकर अपनी विशेष कृपा बरसाएं। इस दिन राधा-कृष्ण को गुलाल जरूर लगाना चाहिए।