FIR / ऊना अस्पताल में तोड़फोड़ और CMO से दुर्व्यवहार पर केस, पुलिस ने शुरू की जांच
FIR / क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के बाद हुए प्रदर्शन के दौरान CMO से दुर्व्यवहार, सरकारी काम में बाधा और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई मृतका के परिजनों या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं, बल्कि भीड़ की आड़ में कानून हाथ में लेने के आरोपियों पर की गई है।
ऊना
बीते शुक्रवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में गर्भवती महिला रीना देवी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद मृतका के परिजनों, स्थानीय ग्रामीणों और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोग उग्र होकर CMO कार्यालय में घुस गए। आरोप है कि उन्होंने कार्यालय में मौजूद CMO के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें जबरन नीचे ले आए, जिससे अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने भीड़ का फायदा उठाकर अस्पताल की सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ भी की। अस्पताल प्रशासन ने घटना को लेकर पुलिस को आधिकारिक शिकायत सौंपी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सरकारी अधिकारी से दुर्व्यवहार करने, उनकी ड्यूटी में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब घटनाक्रम और इसमें शामिल आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
परिजनों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर मामला नहीं
पुलिस ने कहा है कि FIR मृतका के शोकाकुल परिवार या शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज नहीं की गई है। कार्रवाई केवल उन लोगों के विरुद्ध की गई है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लेने, CMO से दुर्व्यवहार करने और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना अजय राणा ने मामला दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।