पूर्व भाजपा सरकार 76 हजार करोड़ का कर्ज और 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ गई: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर निशाना साधा है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता संभालने के समय प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि कर्मचारियों और पेंशनरों से संबंधित करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां भी थीं।
शिमला
54 हजार करोड़ RDG और 16 हजार करोड़ GST मुआवजा मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान 54 हजार करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान और 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी मुआवजे के रूप में प्राप्त हुए थे। उनका दावा है कि उस समय वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाता तो प्रदेश का कर्ज करीब 30 हजार करोड़ रुपये कम किया जा सकता था और कर्मचारियों से संबंधित देनदारियां भी चुकाई जा सकती थीं।
एक हजार करोड़ के भवनों को लेकर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से भवनों का निर्माण करवाया था, जिनमें से कई भवन वर्तमान में खाली पड़े हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की वित्तीय स्थिति से जोड़ते हुए पिछली सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
आत्मनिर्भर हिमाचल को बताया सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार द्वारा लिए जा रहे प्रत्येक निर्णय का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है।