हादसा / लखनऊ के एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन में भीषण आग, 15 छात्रों की मौत
हादसा : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन में सोमवार को भीषण आग लगने से 15 छात्रों की मौत हो गई। आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए कई लोग ऊंचाई से कूदते नजर आए। हादसे में एक छात्र की रीढ़ की हड्डी में चोट आई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। इमारत के नीचे एक पेट शॉप भी संचालित थी।
लखनऊ
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी वहां गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाती थी और एनिमेशन स्टूडियो भी चल रहा था। आग लगते ही पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया और ऊपर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी हिस्सों से बाहर निकलने की कोशिश करते दिखे। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार 21 से 22 लोगों को उपचार के लिए लाया गया, जिनमें 15 की मौत हो चुकी है। मृतकों में 12 पुरुष और 3 महिलाएं बताई गई हैं।
राहत और बचाव के बीच सामने आई शॉर्ट सर्किट की आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आग लगने की शुरुआती वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके को घेर लिया और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। हादसे के दौरान ऊंचाई से कूदने वाले एक छात्र की रीढ़ की हड्डी में चोट आई है, जिसका इलाज चल रहा है।
सीएम ने रद्द किए कार्यक्रम, जांच के निर्देश
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए और लखनऊ लौटकर अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने फायर विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए हादसे के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आग लगने के कारणों के साथ सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है।
मुआवजे का ऐलान, जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और अब पूरे मामले की जांच जारी है।