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हादसा / सिजेरियन के बाद नवजात की टांग टूटी मिली, पिता ने अस्पताल पर लगाए लापरवाही के आरोप

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हादसा / सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद एक नवजात बच्ची की टांग टूटी मिलने का मामला सामने आया है। बच्ची के पिता विकास ने डॉक्टर पर कथित लापरवाही के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बच्ची का आईजीएमसी शिमला में इलाज चल रहा है, जबकि उसकी मां क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचाराधीन है। अस्पताल प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

सोलन

विकास के अनुसार, 10 अक्टूबर को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उनकी पत्नी का सिजेरियन प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद उन्हें बच्ची को लेबर रूम ले जाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद बच्ची को इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा गया। जब वह इंजेक्शन लगवाने पहुंचे तो वहां तैनात कर्मचारी ने बच्ची की टांग में सूजन देखकर इंजेक्शन लगाने से इनकार कर दिया और पहले एक्स-रे करवाने की सलाह दी। एक्स-रे जांच में बच्ची की टांग टूटी होने की जानकारी मिली।

पिता ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि इस संबंध में बात करने पर संबंधित डॉक्टर का व्यवहार उनके प्रति ठीक नहीं था। अस्पताल की ओर से बच्ची को आईजीएमसी शिमला ले जाने की सलाह दी गई, जिसके बाद उनके माता-पिता और भाई उसी दिन बच्ची को वहां ले गए। विकास का आरोप है कि बच्ची को आईजीएमसी पहुंचाने में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई। उन्होंने डीसी और एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

पांच सदस्यीय कमेटी दो दिन में देगी रिपोर्ट

मामला सामने आने के बाद क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन ने डॉ. संजीव जैन के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी को दो दिन के भीतर मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवर ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल नवजात बच्ची का उपचार आईजीएमसी शिमला में जारी है।

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