हिम रंग षष्टि नाट्य उत्सव / रेपर्टरी कम्पनी के 60 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा हिम रंग षष्टि नाट्य उत्सव
हिम रंग षष्टि नाट्य उत्सव : हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा और शिमला जिलों में 18 से 27 जून तक हिम रंग षष्टि नाट्य उत्सव आयोजित किया जाएगा। भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश, हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रेपर्टरी कम्पनी तथा गेयटी ड्रामेटिक सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव के दौरान विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
धर्मशाला
तीन जिलों में होगा नाट्य उत्सव का आयोजन
भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश, हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी शिमला, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रेपर्टरी कम्पनी नई दिल्ली तथा गेयटी ड्रामेटिक सोसाइटी शिमला के संयुक्त तत्वावधान में हिम रंग षष्टि नाट्य उत्सव आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रेपर्टरी कम्पनी की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किया जा रहा है। उत्सव के तहत कुल तीन जिलों में छह नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। विभाग के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा विभिन्न क्षेत्रों के दर्शकों तक राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रस्तुतियां पहुंचाना है।
18 जून से कुल्लू में होगा प्रथम चरण
भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप ने बताया कि उत्सव का पहला चरण 18 जून से कुल्लू स्थित अंतःरंग अटल सदन सभागार में शुरू होगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान 18 जून को ‘माई री मैं कासे कहूँ’, 19 जून को ‘ताजमहल का टेंडर’ तथा 20 जून को ‘बाबू जी’ नाटक का मंचन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रेपर्टरी कम्पनी के कलाकार भाग लेंगे। कार्यक्रम प्रतिदिन निर्धारित समयानुसार आयोजित किए जाएंगे।
धर्मशाला में 22 और 23 जून को प्रस्तुतियां
उत्सव के दूसरे चरण का आयोजन धर्मशाला कॉलेज के अंतरंग सभागार में किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 22 जून को ‘ताजमहल का टेंडर’ तथा 23 जून को ‘बाबू जी’ नाटक का मंचन निर्धारित किया गया है। विभाग के अनुसार धर्मशाला में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से कांगड़ा क्षेत्र के दर्शकों को भी राष्ट्रीय स्तर की रंगमंचीय प्रस्तुतियां देखने का अवसर मिलेगा। दोनों दिनों में अलग-अलग विषयों पर आधारित नाटकों का मंचन किया जाएगा।
शिमला में होगा अंतिम चरण
उत्सव के तीसरे और अंतिम चरण का आयोजन शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के गोथिक थिएटर में किया जाएगा। यहां 26 जून को ‘अक्श तमाशा’ तथा 27 जून को ‘माई री मैं कासे कहूँ’ नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। गेयटी थिएटर प्रदेश की प्रमुख सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल है और यहां नियमित रूप से नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। उत्सव का समापन 27 जून को अंतिम प्रस्तुति के साथ होगा।
रेपर्टरी कम्पनी के प्रमुख भी रहेंगे उपस्थित
निदेशक रीमा कश्यप ने बताया कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रेपर्टरी कम्पनी के प्रमुख राजेश सिंह भी आयोजन स्थलों पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की रेपर्टरी कम्पनी देश की प्रमुख पेशेवर रंगमंच संस्थाओं में शामिल है और पिछले छह दशकों से विभिन्न भारतीय भाषाओं में नाट्य प्रस्तुतियां कर रही है। विभाग ने रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों, विद्यार्थियों तथा कला प्रेमियों से कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की है।