HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होने जा रहा है। इसी बीच आगामी दिनों के दौरान प्रदेश में मौसम के भी खराब बना रहने की संभावना जताई है। ऐसे में मतदान के बीच मतदाताओं को मौसम की बेरुखी का सामना करना पड़ सकता है। खास तौर पर प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बता दे, प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नवंबर माह में भारी बर्फबारी का क्रम शुरू हो जाता है।
आलम यह रहता है कि लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में भारी बर्फबारी के बीच मतदान केंद्रों तक पहुंचना पोलिंग पार्टियों सहित मतदाताओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। खासतौर पर हिमाचल प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्र लाहौल-स्पीति, भरमौर व किन्नौर बर्फबारी के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। यहां बर्फबारी के कारण सड़के बंद हो जाती हैं तो ठिठुरन इतनी बढ़ जाती है कि लोग घर से बाहर तक नहीं निकल पाते है।
विधानसभा क्षेत्र लाहौल-स्पीति की बात करें तो यहाँ विधानसभा चुनाव के लिए 1998 में चुनाव आयोग को भारी बर्फ़बारी के कारण तिथि बदलनी पड़ी थी। स्पीति के अधिकतर मतदान केंद्र 12 हजार फीट की ऊंचाई पर हैं जहाँ भारी बर्फबारी होती है। हालाँकि, चुनाव आयोग ने इसको लेकर विशेष तैयारियां की हैं, जिसमें एयर टैक्सी से लेकर जेसीबी मशीनरी का विकल्प रखा गया है।

