हिमाचल में ई-टैक्सी योजना के नए नियम लागू, युवाओं को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने ई-टैक्सी योजना के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए पूर्व के सभी आदेश निरस्त कर दिए हैं और योजना को संशोधित स्वरूप में लागू किया है। इस योजना के तहत पात्र बेरोजगार युवाओं को वाहन खरीद पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने के साथ बैंक ऋण और स्वयं के अंशदान के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
शिमला
ई-टैक्सी योजना के नए दिशा-निर्देश जारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के अंतर्गत संचालित ई-टैक्सी योजना के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नए प्रावधानों के साथ पहले जारी सभी आदेशों को निरस्त कर दिया गया है। योजना का उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और पर्यावरण संरक्षण के तहत स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है, जिसके लिए सरकार ने वित्तीय सहायता और संचालन संबंधी स्पष्ट प्रावधान तय किए हैं।
सब्सिडी और वित्तीय संरचना
नए नियमों के अनुसार पात्र युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर वाहन की कुल कीमत का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। शेष राशि में 40 प्रतिशत बैंक ऋण के रूप में और 10 प्रतिशत लाभार्थी द्वारा स्वयं वहन की जाएगी। अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया है कि 30 लाख रुपए से अधिक कीमत वाले वाहन कैबिनेट मंत्री के साथ अटैच किए जाएंगे और उनके भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के अनुसार हर महीने की 10 तारीख से पहले पूरी करनी होगी।
पात्रता की शर्तें निर्धारित
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है और उसकी आयु 23 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। आवेदक का बेरोजगार होना अनिवार्य है तथा परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त आवेदक के पास वैध कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक है, ताकि वह स्वयं वाहन का संचालन कर सके।
सरकारी विभागों में मिलेगा कार्य अवसर
योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों में ई-टैक्सी चलाने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग, बैंक और लाभार्थी के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा। विभागों द्वारा इन ई-टैक्सियों को कम से कम पांच वर्षों के लिए हायर किया जाएगा, जिससे लाभार्थियों को नियमित आय का अवसर मिलेगा और परिवहन सेवाओं में ई-वाहनों का उपयोग बढ़ेगा।
मासिक भुगतान और अनिवार्य शर्तें
योजना के तहत लाभार्थियों को बेस मॉडल के लिए लगभग 55 हजार रुपए प्रतिमाह भुगतान किए जाने का प्रावधान है। योजना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ई-टैक्सी का संचालन स्वयं लाभार्थी को करना होगा और कार्य छोड़ने की स्थिति में दी गई सब्सिडी वापस ली जा सकती है। सभी वाहनों में जीपीएस और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य होगा तथा वाहनों का निरीक्षण आरटीओ द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा।