हिमाचल शिक्षा में देशभर में पांचवें स्थान पर, मेडिकल कॉलेजों में बदलेंगे पुराने उपकरण: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश देशभर में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है और 15 से 19 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को बदलने की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार के लिए स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाने के साथ चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों के पद भी भरे गए हैं।
धर्मशाला
प्रशासनिक सुधार एवं ई-गवर्नेंस विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए गए हैं। उनके अनुसार इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंचा है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ पूरी शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार करना है।
पुराने चिकित्सा उपकरण बदलने की प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सरकार की दूसरी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं शुरू की गई हैं। मेडिकल संस्थानों में लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे 15 से 19 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से बदलकर आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करना चाहती है, ताकि लोगों को महंगे उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के वेतन में भी वृद्धि की गई है, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत किया जा सके। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों के सैकड़ों पद प्राथमिकता के आधार पर भरे गए हैं। सरकार का लक्ष्य आधुनिक चिकित्सा तकनीक और मानव संसाधन, दोनों को मजबूत करते हुए प्रदेश के लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।