हिमाचल में गैस सिलिंडर को लेकर नया अपडेट, समस्याओं के समाधान के लिए जारी हुआ टोल फ्री नंबर 1967
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में रसोई गैस सिलिंडर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1967 जारी किया गया है, जिससे उपभोक्ता सीधे अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने यह सुविधा लागू करते हुए वितरण प्रणाली को और प्रभावी व पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है।
शिमला
टोल फ्री नंबर से सीधे शिकायत दर्ज करने की सुविधा
प्रदेश के उपभोक्ता अब रसोई गैस सिलिंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 1967 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग द्वारा यह व्यवस्था उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके और उपभोक्ताओं को अलग-अलग स्तर पर संपर्क करने की आवश्यकता न पड़े।
समीक्षा बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
यह निर्णय शिमला में आयोजित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता निदेशक कुमुद सिंह ने की। बैठक में प्रदेशभर में घरेलू गैस सिलिंडरों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं का विस्तार से मूल्यांकन किया गया।
प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष व्यवस्था
विभाग ने सीमावर्ती जिलों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों के लिए पांच किलोग्राम गैस सिलिंडर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। इस कदम का उद्देश्य उन क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को आवश्यक गैस आपूर्ति उपलब्ध कराना है, जहां सामान्य वितरण में कठिनाइयां सामने आ सकती हैं।
निरीक्षण और कार्रवाई के आंकड़े
निदेशक कुमुद सिंह के अनुसार मार्च और अप्रैल माह के दौरान विभाग द्वारा 2007 निरीक्षण किए गए, जिनमें घरेलू गैस सिलिंडर के दुरुपयोग के मामलों में 85 सिलिंडर जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए 187 निरीक्षण भी किए गए हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने में सहायता मिली है।
ऑनलाइन बुकिंग और पारदर्शिता पर जोर
विभाग ने जानकारी दी कि उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर ऑनलाइन बुकिंग और ओटीपी प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है और सिलिंडर के दुरुपयोग या अनियमितताओं पर नियंत्रण रखने में सहायता मिलती है, साथ ही उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होती है।