दो एचएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी, सरकार ने नई जिम्मेदारियों के साथ दिए अतिरिक्त प्रभार
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचपीएएस अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना से जुड़े आदेश जारी किए हैं, जिनमें दो अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
शिमला
सरकार ने जारी किए तबादला और पदस्थापना आदेश
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एचपीएएस (हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा) अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना को लेकर अधिसूचना जारी की गई है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा जारी आदेशों में प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि विभागीय कार्यों का संचालन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके और विभिन्न परियोजनाओं का समन्वय बना रहे।
रोहित राठौर को अतिरिक्त जिम्मेदारियां
एचपीएएस (2008) अधिकारी रोहित राठौर, जो वर्तमान में मंडी जिला में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अतिरिक्त प्रभार के रूप में निदेशक, तकनीकी शिक्षा तथा प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम, सुंदरनगर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह अतिरिक्त दायित्व उनके मौजूदा प्रशासनिक कार्यों के साथ जुड़ा रहेगा, जिससे तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में समन्वय बनाए रखने का उद्देश्य है।
पृथ्वी पाल सिंह को ऊना में अतिरिक्त प्रभार
एचपीएएस (2013) अधिकारी पृथ्वी पाल सिंह, जो वर्तमान में प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, कांगड़ा के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, ऊना के कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस नियुक्ति के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में समन्वय बनाए रखने और शहरी निकायों के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अन्य प्रशासनिक बदलाव और प्रभाव
इन आदेशों के तहत आईएएस (HP: 2018) अधिकारी महेंद्र पाल गुर्जर को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (DRDA), ऊना जिले के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। सरकार द्वारा जारी ये सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं, जिससे संबंधित विभागों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण सुनिश्चित किया जा सके और कार्यप्रणाली को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके।