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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट को मिले तीन नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नामों पर लगाई मुहर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 4 Jun 2026 • 1 Min Read

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों को मंजूरी दे दी है। चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल को हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की गई है। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की मंजूरी से इनकी नियुक्ति अधिसूचित होगी।

शिमला

हिमाचल प्रदेश की न्यायपालिका के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों को अंतिम स्वीकृति दे दी है। कॉलेजियम ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानु सिंह, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा और जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश जसवाल को हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की है।
देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इन तीनों अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी। अब इनकी नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार द्वारा औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ नियुक्ति अधिसूचित होगी।
चिराग भानु सिंह लंबे समय से न्यायिक और विधिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने के बाद वकालत से अपने करियर की शुरुआत की थी। संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों में उनका व्यापक अनुभव रहा है। न्यायिक सेवा में आने के बाद उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
भूपेश शर्मा वर्तमान में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत हैं। न्यायिक सेवा में लगभग तीन दशक का अनुभव रखने वाले शर्मा ने प्रदेश के कई जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। न्यायिक प्रशासन और मामलों के निष्पादन में उनकी दक्षता को देखते हुए उन्हें हाई कोर्ट के लिए उपयुक्त माना गया है।
योगेश जसवाल भी न्यायिक सेवा के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में न्यायिक दायित्व निभाए हैं और वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। न्यायिक कार्यप्रणाली और प्रशासनिक अनुभव के कारण उनका चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीनों अधिकारियों की नियुक्ति से हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट को अनुभवी न्यायाधीश मिलेंगे, जिससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही न्यायिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को प्रदेश की न्यायपालिका के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। न्यायिक अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और विभिन्न स्तरों पर कार्य करने का अनुभव रखने वाले ये तीनों अधिकारी अब हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली में नई भूमिका निभाते नजर आए।