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मंडी सम्मेलन में किसान नीतियों पर उठे सवाल, कुशाल भारद्वाज फिर बने जिला प्रधान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 9 Hours Ago • 1 Min Read

हिमाचल किसान सभा के मंडी जिला के 17वें सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकार की कृषि नीतियों, किसानों को मिल रही सहायता, भूमि अधिग्रहण के मुआवजे और स्थानीय रोजगार के मुद्दे उठाए गए। सौली खड्ड में आयोजित सम्मेलन के दौरान 31 सदस्यीय नई जिला कमेटी चुनी गई, जिसमें कुशाल भारद्वाज को दोबारा जिला प्रधान बनाया गया। सम्मेलन में स्मार्ट बिजली मीटर और बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा भी की गई।

मंडी

सम्मेलन की संयुक्त अध्यक्षता कुशाल भारद्वाज, महेंद्र राणा, जगमेल ठाकुर, प्रेम चौधरी और रीता देवी ने की, जबकि इसका उद्घाटन राज्य महासचिव एवं पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने किया। सिंघा ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं तथा किसानों को मिलने वाली सहायता लगातार कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की किसान और बागवान विरोधी नीतियों के कारण हिमाचल में खेती घाटे का व्यवसाय बनती जा रही है।

भूमि, मुआवजे और रोजगार की मांग उठाई

राकेश सिंघा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अधिकांश भूमि वन भूमि है। किसान सभा की मांग है कि सभी गरीब किसानों को पांच बीघा जमीन उपलब्ध कराई जाए और उनके कब्जे वाली भूमि उनके नाम की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि फोरलेन, राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य परियोजनाओं के लिए अधिगृहीत की जा रही जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। इन परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिए जाने का मुद्दा भी सम्मेलन में उठाया गया।

सम्मेलन में बंदरों, अन्य जंगली जानवरों और बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई। किसान सभा ने स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। जिला प्रधान कुशाल भारद्वाज ने कहा कि घरों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया और बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। दूध उत्पादन बढ़ाने और उसकी खरीद के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी संगठन काम करेगा।

राज्य सम्मेलन के लिए 30 प्रतिनिधि चयनित

सम्मेलन में 13 और 14 अक्टूबर को रामपुर में प्रस्तावित राज्य सम्मेलन में भाग लेने के लिए 30 प्रतिनिधियों का चयन किया गया। इसके साथ 31 सदस्यीय नई जिला कमेटी गठित की गई। जोगिंदर नगर के कुशाल भारद्वाज को दोबारा प्रधान, धर्मपुर के भूपेंद्र सिंह को सचिव और बल्ह के जोगिंदर वालिया को कोषाध्यक्ष चुना गया। करतार सिंह चौहान, प्रेम चौधरी, जगमेल ठाकुर और महेंद्र राणा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

रामजी दास, बिहारी लाल, रविंद्र कुमार और इंद्र सिंह को सह सचिव चुना गया। दो महिला सचिवालय सदस्यों को बाद में शामिल किया जाएगा। जिला कमेटी में धर्मपुर से मिलाप चंदेल, राजेंद्र पाल, रीता देवी और सपना देवी, जोगिंदर नगर से बलदेव सिंह, सुदर्शन वालिया, धर्मचंद और लाभ सिंह, सुंदरनगर से कपूर सिंह और लीलाधर, बल्ह से नंदलाल वर्मा और गंगा राम तथा बालीचौकी से हीरा लाल सहित अन्य सदस्यों का चयन किया गया।