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बागवानों को सेब खरीद बकाया भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी: मुख्यमंत्री

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 43 Mins Ago • 1 Min Read

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (HMIS) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया, जिससे सेब खरीद से लेकर प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि एमआईएस के तहत वर्ष 2022 से 2025 तक के बकाया भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और भुगतान डीबीटी के माध्यम से बागवानों के खातों में भेजा जा रहा है।

शिमला

HMIS वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (HMIS) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। सरकार के अनुसार यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब खरीद, परिवहन, प्रसंस्करण और भुगतान सहित पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगा। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।

एमआईएस के बकाया भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के अंतर्गत वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में खरीदे गए सेबों के बकाया भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से बागवानों के बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 30 बैग तक सेब बेचने वाले उत्पादकों का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जबकि 100 बैग या उससे अधिक सेब बेचने वाले उत्पादकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए राज्य सरकार ने 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग की सुविधा

सरकार के अनुसार सेब उत्पादकों को पोर्टल पर आधार संख्या, भूमि संबंधी विवरण और बैंक खाते की जानकारी दर्ज कर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद उत्पादक अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन समय स्लॉट भी बुक कर सकेंगे। खरीद और भुगतान की स्थिति से जुड़ी जानकारी एसएमएस के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

खरीद सीजन की तैयारियों के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी संग्रहण केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं ताकि खरीद प्रक्रिया के दौरान बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।

यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली पर भी दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है, जिससे खरीद प्रक्रिया को एक समान व्यवस्था के तहत संचालित किया जा सके। बैठक में हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, बागवानी सचिव सी. पॉलरासु, निदेशक डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं नवाचार डॉ. निपुण जिंदल, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डी.सी. राणा, बागवानी निदेशक सतीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।