Agriculture / हिमाचल सरकार ने किसानों से 31 जुलाई तक मक्का और धान की फसल का बीमा कराने की अपील
Agriculture : हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ मौसम की मक्का और धान की फसल का 31 जुलाई तक बीमा कराने को कहा है। योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान होने पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बीमा लाभ उपलब्ध होगा।
हमीरपुर
31 जुलाई तक कराया जा सकता है फसल बीमा
हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ मौसम की मक्का और धान की फसल का 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से बीमा कराने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को होने वाले आर्थिक नुकसान से किसानों को सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के तहत सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि और अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से फसल प्रभावित होने की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को बीमा लाभ दिया जाएगा। कृषि विभाग ने किसानों से अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है, ताकि वे योजना के लाभ से वंचित न रहें।
हमीरपुर जिले में इन क्षेत्रों के लिए अधिसूचना जारी
कृषि विभाग के उपनिदेशक डी. डी. शर्मा ने बताया कि हमीरपुर जिले में मक्का फसल बीमा के लिए सभी तहसीलों और उप-तहसीलों को अधिसूचित किया गया है। वहीं धान की फसल के बीमा के लिए केवल हमीरपुर, नादौन और भोरंज तहसीलों को अधिसूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा खरीफ सीजन में इन अधिसूचित क्षेत्रों के किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है और इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्रीमियम, बीमित राशि और आवेदन प्रक्रिया
डी. डी. शर्मा ने बताया कि मक्का और धान की फसल के लिए बीमा प्रीमियम 1,200 रुपये प्रति हेक्टेयर अथवा 48 रुपये प्रति कनाल निर्धारित किया गया है, जबकि बीमित राशि 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है। किसान अपनी फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड और भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निकटतम लोक मित्र केंद्र, बैंक शाखा अथवा अधिकृत ऑनलाइन माध्यम से फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने किसानों से समय रहते दस्तावेज पूरे कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
ऋणी किसानों के लिए अलग व्यवस्था
उपनिदेशक डी. डी. शर्मा ने बताया कि जिन किसानों ने बैंक अथवा अन्य वित्तीय संस्थानों से कृषि ऋण लिया है, उनका फसल बीमा संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा किया जाएगा। यदि कोई ऋणी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लेना चाहता है, तो उसे निर्धारित समय के भीतर संबंधित बैंक शाखा को इसकी लिखित सूचना देनी होगी। कृषि विभाग ने किसानों से योजना की शर्तों की जानकारी लेकर समय पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
