हिमाचल में रूफटॉप सोलर प्लांट के लिए ऑनलाइन आवेदन की तैयारी, विद्युत नियामक आयोग ने जारी किया मसौदा
हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्रों से जुड़े नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत पात्र उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल प्रक्रिया को मान्यता देने का प्रावधान किया गया है, जिस पर 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
शिमला
रूफटॉप सोलर आवेदन प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलाव
हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर पीवी ग्रिड इंटरएक्टिव सिस्टम नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रस्तावित बदलावों पर आम नागरिकों, उपभोक्ताओं और संबंधित संस्थाओं से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्राप्त सुझावों की समीक्षा कर संशोधित नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल एग्रीमेंट को मिलेगी मान्यता
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार पात्र उपभोक्ता अब रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे। यदि केंद्र या राज्य सरकार की किसी योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था उपलब्ध है, तो उसी पोर्टल के माध्यम से किए गए आवेदन भी मान्य होंगे। इसके अलावा डिजिटल सोलर मीटरिंग कनेक्शन एग्रीमेंट को भी मान्यता देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे अलग से भौतिक दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी।
ऑफलाइन आवेदन भी होंगे डिजिटल प्रणाली में शामिल
आयोग ने प्रस्तावित नियमों में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई आवेदन ऑफलाइन प्राप्त होता है, तो संबंधित वितरण लाइसेंसधारी उसे ऑनलाइन प्रणाली में अपलोड कर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। आयोग का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है, ताकि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर परियोजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्वयन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सके।
वेबसाइट पर उपलब्ध है मसौदा
अधिसूचना के अनुसार संशोधन का मसौदा आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक व्यक्ति, उपभोक्ता और संबंधित संस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने सुझाव या आपत्तियां आयोग के सचिव को भेज सकते हैं। सभी प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम संशोधन अधिसूचित किए जाएंगे।