हिमाचल रग्बी के विस्तार पर मंथन, अनुराग ठाकुर ने चयन और प्रशिक्षण को बताया अहम
हिमाचल प्रदेश में रग्बी को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश की रग्बी टीम के खिलाड़ियों और प्रबंधन के साथ चर्चा की। दिल्ली स्थित आवास पर हुई बातचीत में नई प्रतिभाओं की पहचान, खिलाड़ियों के चयन और बेहतर प्रशिक्षण सहित खेल के विस्तार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

दिल्ली
अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश रग्बी टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान प्रदेश में रग्बी की संभावनाओं और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए किए जा सकने वाले प्रयासों पर विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है और यहां के खिलाड़ियों ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। हिमाचल को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए साझा प्रयासों की जरूरत है।

प्रतिभाओं की पहचान और प्रशिक्षण पर चर्चा
बैठक में हिमाचल प्रदेश में रग्बी की नई प्रतिभाओं की पहचान और चयन के साथ उनके प्रशिक्षण को बेहतर बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। चर्चा का प्रमुख विषय यह रहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए किस तरह प्रयास किए जा सकते हैं। इस दौरान टीम के कोच धर्मेंद्र चौधरी, हेड ऑफ डेलीगेट चंद्र मोहन शर्मा और मैनेजर त्रिशला देवी तथा विजय कुमारी के साथ भी खेल के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई।

खिलाड़ियों को सही मंच देने पर जोर
अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को खेल भूमि के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में सभी के साझा प्रयास महत्वपूर्ण हैं। प्रदेश में मौजूद खेल प्रतिभाओं को सही मंच, बेहतर प्रशिक्षण और पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने हिमाचल के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हिमाचल का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।