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चुनाव ड्यूटी से बाहर शिक्षकों को एक सप्ताह तक अवकाश नहीं, शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 49 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी में शामिल नहीं किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों को आगामी एक सप्ताह तक अवकाश नहीं दिया जाएगा, और किसी भी प्रकार की छुट्टी केवल विशेष परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति से ही स्वीकृत की जाएगी।

शिमला

चुनाव अवधि में शिक्षकों की उपस्थिति और अवकाश व्यवस्था पर सख्त निर्देश

स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार प्रदेश में तीन चरणों में होने वाले पंचायती राज चुनाव के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित रखना आवश्यक है। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है कि जिन शिक्षकों और कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में शामिल नहीं किया गया है, उनकी उपस्थिति स्कूलों में सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें एक सप्ताह तक अवकाश नहीं दिया जाएगा।निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही प्रदान किया जाएगा तथा इसके लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव अवधि के दौरान विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित न हो और छात्रों की शैक्षणिक प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहे।

स्कूलों में नियमित पढ़ाई जारी रखने पर जोर

निदेशालय ने कहा है कि प्रदेश के अधिकांश वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में शेष स्टाफ की उपलब्धता को सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि स्कूलों में कक्षाओं का संचालन बाधित न हो।निर्देशों के अनुसार विद्यालय प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी स्थिति में स्कूलों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो। कॉम्प्लेक्स स्कूलों के प्रभारी अधिकारियों को भी यह जिम्मेदारी दी गई है कि उनके अधीन आने वाले सभी स्कूल चुनाव अवधि के दौरान खुले रहें और पर्याप्त स्टाफ की मौजूदगी बनी रहे।

चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को भी दिए गए निर्देश

शिक्षा विभाग ने चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को भी निर्देशित किया है कि वे चुनाव कार्य के लिए सीधे संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) या चुनाव प्राधिकरण को रिपोर्ट करें। आदेशों में कहा गया है कि कुछ कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से पूर्व अपने विद्यालयों में उपस्थित हो रहे हैं, जिससे चुनाव कार्य में देरी हो रही है।इस स्थिति को देखते हुए अब सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीधे चुनाव प्राधिकरण को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनाव कार्य समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने स्पष्ट किया है कि चुनाव अवधि में विद्यालयों को बंद करने का निर्णय केवल उच्च स्तरीय निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा और सभी संस्थानों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।

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