हिमाचल में हिमकेयर योजना की जांच के लिए विजिलेंस एसआईटी गठित, 35 निजी अस्पताल जांच के दायरे में
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत संभावित अनियमितताओं की जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो ने आठ सदस्यीय एसआईटी गठित की है, जो भुगतान, बिलिंग और अस्पतालों की भूमिका की जांच करेगी। जांच के दायरे में लगभग 35 निजी अस्पताल शामिल हैं और मेडिकल बिलों के रिकॉर्ड को भी जांच के लिए लिया गया है।
शिमला
एसआईटी गठन और जांच का दायरा
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत संभावित अनियमितताओं की जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो ने आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस टीम की अध्यक्षता आईजी बिमल गुप्ता कर रहे हैं, जिसमें एएसपी नरवीर सिंह सहित विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। एसआईटी को योजना के अंतर्गत हुए भुगतान, अस्पतालों की भूमिका तथा बिलिंग प्रक्रिया की विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि पूरे प्रकरण की वस्तुनिष्ठ समीक्षा की जा सके।
रिकॉर्ड जब्त और वित्तीय पहलुओं की जांच
विजिलेंस द्वारा सचिवालय स्थित स्वास्थ्य शाखा से योजना के तहत किए गए उपचार और ऑपरेशन से जुड़े मेडिकल बिलों का रिकॉर्ड पहले ही अपने कब्जे में लिया जा चुका है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार मामले में 110 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से संबंधित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। आरोपों के अनुसार कुछ मामलों में फर्जी या अधिक राशि के बिल प्रस्तुत कर सरकारी धन के उपयोग में अनियमितताएं की गई हैं।
निजी अस्पतालों की भूमिका और जांच का विस्तार
जांच के दायरे में हिमाचल प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के करीब 35 निजी अस्पताल भी शामिल हैं। इन संस्थानों द्वारा प्रस्तुत बिलों, उपचार विवरण और प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित होती है तो संबंधित अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त निगरानी और समिति का गठन
भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से सरकार ने मेडिकल बिलों की जांच के लिए सचिवालय स्तर पर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति बिलों की जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए कार्य करेगी। मार्च में आयोजित बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले को उठाए जाने के बाद विजिलेंस जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी, जो अब विस्तृत स्तर पर जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्य
प्रारंभिक जांच में कुछ मामलों में उपचार लागत से अधिक बिल प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है। उदाहरण के तौर पर एक सामान्य सर्जरी के लिए अपेक्षाकृत अधिक राशि का बिल दिखाया गया, जबकि कुछ मामलों में उपचार विवरण में विसंगतियां दर्ज की गईं। इसके अतिरिक्त, कुछ रिकॉर्ड में ऐसे चिकित्सा प्रक्रियाओं का उल्लेख पाया गया है, जिनकी वास्तविकता की पुष्टि जांच के दौरान की जा रही है।
