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वेतन नहीं मिला तो थम जाएंगे एचआरटीसी के पहिए, कर्मचारियों ने सरकार को दी आर-पार की चेतावनी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

एचआरटीसी कर्मचारियों ने समय पर वेतन और लंबित वित्तीय लाभों की मांग को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक जून तक वेतन जारी नहीं हुआ तो दो जून रात 12 बजे से प्रदेशभर में बसों के पहिए थाम दिए जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन में देरी और लंबित भत्तों के कारण उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नाहन

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों और मैकेनिकल स्टाफ ने समय पर वेतन और लंबित वित्तीय लाभों की मांग को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नाहन बस स्टैंड और निगम वर्कशॉप परिसर में कर्मचारियों ने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की और साथ ही सख्त चेतावनी भी दे डाली।कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि यदि एक जून की शाम तक वेतन जारी नहीं किया गया तो दो जून रात 12 बजे से जिला सिरमौर सहित पूरे प्रदेश में निगम की बसों के पहिए जाम कर दिए जाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में यात्रियों को होने वाली परेशानी की पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार की होगी।

चालक, परिचालक एवं सर्व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवहन निगम कर्मचारियों को हर बार अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य विभागों में कर्मचारियों को हर महीने पहली तारीख को वेतन मिल जाता है, लेकिन निगम कर्मचारियों के लिए आज तक कोई निर्धारित तिथि तय नहीं की गई है।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कई वित्तीय लाभ लंबे समय से लंबित पड़े हैं। ओवरटाइम और नाइट भत्ते जैसी अदायगियां भी समय पर नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी भी परिवार चलाते हैं, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं, मकान और ऋण की किस्तें भरते हैं, ऐसे में वेतन में देरी कर्मचारियों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है।

नाहन वर्कशॉप के बाहर हुए इस प्रदर्शन में निगम के विभिन्न वर्गों से जुड़े कर्मचारियों ने भाग लिया और एक स्वर में मांग उठाई कि अन्य विभागों की तरह निगम कर्मचारियों के वेतन की भी एक निश्चित तारीख तय की जाए तथा सभी लंबित वित्तीय लाभ समय पर जारी किए जाएं।अब कर्मचारियों की इस चेतावनी के बाद सरकार और निगम प्रबंधन का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। क्योंकि यदि प्रदेशभर में निगम की बसों के पहिए थमे तो इसका सीधा असर हजारों यात्रियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है।

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