स्वच्छता जनभागीदारी का राष्ट्रव्यापी अभियान बनी, घर से प्रदेश तक स्वच्छता का लें संकल्प : जयराम ठाकुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान आज जनभागीदारी के व्यापक आंदोलन में बदल चुका है। हर नागरिक को अपने घर से लेकर पड़ोस, पंचायत, शहर और प्रदेश तक स्वच्छता का संकल्प लेना चाहिए। यह बात नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला के पूर्ण बस अड्डे में भाजपा शिमला मंडल की ओर से आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान कही।
शिमला
कर्मचारियों के हजारों करोड़ के एरियर लंबित, सफाई कर्मचारियों के देय भुगतान पर भी सरकार संवेदनशीलता से करे कार्रवाई
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा शिमला मंडल अध्यक्ष राजीव पंडित ने की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस अड्डे और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। पिछले 12 वर्षों में स्वच्छता को लेकर देश में व्यापक जनचेतना पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण भारत में 12.22 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनाए जा चुके हैं और 5.69 लाख से अधिक गांव ओडीएफ प्लस की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। इनमें 5.38 लाख से अधिक गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन और 5.65 लाख से अधिक गांवों में तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था दर्ज की गई है।
शहरी स्वच्छता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 तक स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत देश में 63.83 लाख व्यक्तिगत घरेलू शौचालय तथा 6.36 लाख सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय सीटें निर्मित की जा चुकी थीं।
कर्मचारियों के लंबित वित्तीय देयों पर सरकार को घेरा
जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय देयों का भुगतान करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से एरियर लंबित रहने के कारण कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठनों की ओर से भी लगातार यह मामला उठाया जा रहा है। अगस्त 2026 में हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने करीब 5,000 करोड़ रुपये के महंगाई भत्ते के एरियर तथा लगभग 7,000 करोड़ रुपये के वेतन एवं पेंशन संशोधन एरियर लंबित होने का दावा किया था।
हालांकि राज्य सरकार की ओर से सितंबर में कुछ पेंशन एरियर जारी करने की घोषणा की गई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को आंशिक भुगतान से आगे बढ़कर कर्मचारियों और पेंशनरों के शेष वैध देयों के भुगतान की स्पष्ट समयसीमा भी तय करनी चाहिए।
सफाई कर्मचारियों के भुगतान को लेकर भी संवेदनशीलता दिखाए सरकार
जयराम ठाकुर ने कहा कि शिमला शहर को प्रतिदिन स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारी व्यवस्था की रीढ़ हैं। ये कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखते हैं। ऐसे में उनके जो भी वैध सरकारी भुगतान लंबित हैं, उनका समयबद्ध निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वच्छता व्यवस्था को जमीन पर चलाने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना भी उतना ही जरूरी है।
चाय और ब्रेड-पकौड़े के साथ ताजा हुईं शिमला की पुरानी यादें
स्वच्छता अभियान के बाद जयराम ठाकुर पूर्ण बस अड्डे की एक स्थानीय दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ चाय और ब्रेड-पकौड़े का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने शिमला से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं और स्थानीय लोगों तथा कार्यकर्ताओं से आत्मीय बातचीत भी की।
कार्यक्रम में संजय सूद, कर्ण नंदा, पुनीता शर्मा, गौरव शर्मा, जगजीत बग्गा, श्याम शर्मा, रूप शारदा, तरुण राणा, पीयूष नेगी, पंकज निलटू और ज्योति सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।