बिंद्रावन करंट हादसे में जांच तेज, एमआरआई रिपोर्ट और कॉल डिटेल की जांच जारी
बिंद्रावन फीडर में मरम्मत कार्य के दौरान लाइनमैन की करंट लगने से हुई मौत के मामले में गठित जांच समिति ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। समिति तकनीकी रिपोर्टों, कॉल डिटेल और विद्युत प्रवाह से जुड़े तथ्यों का अध्ययन कर घटना के कारणों की जांच कर रही है।
कांगड़ा
तकनीकी रिपोर्टों की जांच में जुटी समिति
पालमपुर के अंतर्गत बिंद्रावन फीडर में विद्युत आपूर्ति लाइनों की मरम्मत के दौरान करंट लगने से लाइनमैन मोहनलाल की हुई मौत के मामले में गठित जांच समिति विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच कर रही है। समिति द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कार्य के दौरान विद्युत प्रवाह किन परिस्थितियों में शुरू हुआ और सुरक्षा प्रक्रिया में कहीं कोई कमी तो नहीं रही।
एमआरआई रिपोर्ट और कॉल डिटेल का अध्ययन
सूत्रों के अनुसार जांच समिति ने विभाग से एमआरआई रिपोर्ट तलब की है, जिसका विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि संबंधित लाइन में करंट का प्रवाह कब और कैसे शुरू हुआ। इसके साथ ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी जांच के दायरे में शामिल की गई है। बताया जा रहा है कि संबंधित कनिष्ठ अभियंता की कॉल डिटेल रिपोर्ट अभी समिति को प्राप्त नहीं हुई है।
कई बिंदुओं पर हो रही तथ्यात्मक जांच
जांच समिति विभिन्न रिपोर्टों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम का विश्लेषण कर रही है। सूत्रों के अनुसार समिति को कुछ महत्वपूर्ण बिंदु मिले हैं, जिनका विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। जांच के माध्यम से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि कार्य प्रक्रिया के दौरान किस स्तर पर त्रुटि या लापरवाही हुई।
एसडीएम की अध्यक्षता में गठित है समिति
घटना के बाद प्रशासन की ओर से एसडीएम पालमपुर की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई थी। समिति में नगर निगम पालमपुर के संयुक्त आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग के एक मेडिकल ऑफिसर और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने मामले में संबंधित कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जबकि विभाग ने जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित किया है।
कुछ रिपोर्टें मिलीं, अन्य का इंतजार
एसडीएम पालमपुर एवं जांच समिति के अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव ने बताया कि कुछ रिपोर्टें समिति को प्राप्त हो चुकी हैं और उनका अध्ययन किया जा रहा है। वहीं कुछ अन्य रिपोर्टें अभी आना शेष हैं। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की विस्तृत जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
