कांगड़ा में 25.95 प्रतिशत रहा ऋण-जमा अनुपात, पात्र लाभार्थियों को अधिक ऋण देने के निर्देश
कांगड़ा जिले में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान बैंकों का ऋण-जमा अनुपात 25.95 प्रतिशत रहा। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बैंक अधिकारियों को इसमें सुधार करने और सरकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण देकर उद्यमिता, स्वरोजगार, कृषि तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
धर्मशाला
जिला स्तरीय समीक्षा समिति और जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की त्रैमासिक जून बैठक मंगलवार को उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बैंकिंग क्षेत्र के माध्यम से संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और प्रभावों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि पहली तिमाही में जिले के बैंकों में 52,775.32 करोड़ रुपये जमा रहे, जबकि इस अवधि में 13,696.26 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए।
उपायुक्त ने बैंकों से पात्र लोगों को ऋण उपलब्ध करवाकर जिले में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण वितरण बढ़ाने के साथ कृषि यंत्रीकरण, कृषि अवसंरचना और किसानों की आय से जुड़ी गतिविधियों को वित्तीय सहयोग देने पर जोर दिया। पौंग बांध क्षेत्र में मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि जैसी योजनाओं के लिए भी सहायता उपलब्ध करवाने को कहा गया।
ढगवार मिल्क प्लांट की उत्पादन क्षमता बनाए रखने के लिए पर्याप्त दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि डेयरी संचालकों और पशुपालकों को बैंकिंग योजनाओं के माध्यम से उचित वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से पात्र लोगों को जोड़ने के लिए विशेष शिविर, जागरूकता कार्यक्रम तथा ग्राहक संपर्क गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

शिक्षा और गृह निर्माण ऋण पर चर्चा
बैंकों को ऋण योजनाओं, स्वरोजगार कार्यक्रमों, सरकार प्रायोजित योजनाओं और शिक्षा ऋण के संबंध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने युवाओं तक वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना की जानकारी पहुंचाने को कहा, ताकि प्रतिभावान विद्यार्थी बेहतर शिक्षा से वंचित न रहें। गृह निर्माण ऋण की सीमा बढ़ाने के विषय पर उन्होंने बैंक अधिकारियों से तथ्यात्मक सुझाव मांगे और अगली बैठक में तथ्यों सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में कांगड़ा नगर बैंक शाखा को कांगड़ा मुख्य शाखा, चैतड़ू शाखा को बगली, सिहूंड शाखा को बलधर और चतवाणा लाहड़ू शाखा को ज्वाली बैंक शाखा में सम्मिलित करने की मंजूरी दी गई। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बैंकिंग माध्यम से उनकी आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया।
हर बैंक शाखा से निक्षय मित्र बनने का आग्रह
उपायुक्त ने जिले की प्रत्येक बैंक शाखा से कम से कम एक टीबी रोगी को निक्षय मित्र के रूप में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बैंक शाखाएं संस्थागत या व्यक्तिगत स्तर पर इस पहल से जुड़कर रोगियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने और टीबी उन्मूलन अभियान में योगदान दे सकती हैं। कुछ बैंकों की धीमी प्रगति पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को फील्ड का दौरा करने और अगली बैठक तक सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लगातार बैठकों से अनुपस्थित रहने वाले बैंक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को भी कहा गया।
बैठक में एजीएम संजय जैन, आरसेटी के निदेशक मदन लाल, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक पृथ्वी रणवीर, आरबीआई शिमला के प्रबंधक आशीष सांगरा, नाबार्ड के हिमांशु साहू और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ओपी जरियाल उपस्थित रहे। विभिन्न बैंकिंग संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ कृषि, बागवानी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।