कांगड़ा में त्योहारों पर केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति, बिक्री और इस्तेमाल का समय तय
कांगड़ा जिला प्रशासन ने दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष के दौरान केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी है। प्रशासन ने पटाखे चलाने के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने के साथ बिक्री, भंडारण और सुरक्षा से जुड़े नियम भी जारी किए हैं। ये आदेश पहली जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मशाला
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा के अध्यक्ष हेमराज बैरवा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 और 34 के तहत आदेश जारी किए हैं। इनके अनुसार दीपावली पर 8 नवंबर को रात 8 से 10 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे। गुरुपर्व पर 24 नवंबर को सुबह 4 से 5 बजे और रात 9 से 10 बजे तक इसकी अनुमति रहेगी। क्रिसमस पर 25 और 26 दिसंबर तथा नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर और पहली जनवरी को रात 11:55 बजे से अगले दिन 12:30 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे।
पटाखों की बिक्री के लिए लिखित अनुमति जरूरी
पटाखों की खुदरा और थोक बिक्री संबंधित एसडीएम से पूर्व लिखित अनुमति लेने के बाद निर्धारित खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही की जा सकेगी। दुकानों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, रेत की बाल्टियां और प्रशिक्षित कर्मचारी रखना अनिवार्य होगा। पटाखों को मूल पैकेजिंग में रखना होगा तथा दुकानों के भीतर या आसपास धूम्रपान, खुली आग और असुरक्षित विद्युत फिटिंग प्रतिबंधित रहेगी। दो पटाखा दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहीं चलाए जा सकेंगे पटाखे
बाजारों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, शांत क्षेत्रों, धरोहर इमारतों और संरक्षित स्मारकों के आसपास पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। सभी उपमंडलाधिकारियों को पटाखा दुकानों का निरीक्षण करने और अनधिकृत बिक्री सहित अन्य उल्लंघनों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को आतिशबाजी से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम, पुलिस उपाधीक्षकों, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों और थाना प्रभारियों को आदेशों की सख्ती से अनुपालना करवाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलावासियों से तय समय और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखकर जिम्मेदारी से त्योहार मनाने की अपील की गई है।