मंडी के करसोग अस्पताल को कायाकल्प में दूसरा स्थान, 5 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान
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मंडी जिले के करसोग नागरिक चिकित्सालय ने कायाकल्प अवार्ड में प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर अस्पताल को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दर्ज किया गया है।
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कायाकल्प अवार्ड में प्रदर्शन
मंडी जिले के करसोग स्थित नागरिक चिकित्सालय ने कायाकल्प अवार्ड (कैटेगरी-2) के तहत प्रदेशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए अस्पताल को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। यह पुरस्कार अस्पताल में स्वच्छता, प्रबंधन और मरीज सेवाओं के निर्धारित मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है। इसी क्रम में मंडी जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुराग ने भी जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया, जिसके लिए उसे 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और आधुनिक सुविधाएं
नागरिक चिकित्सालय करसोग में पिछले कुछ समय में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सुधार किए गए हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के साथ नई एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड सुविधा और प्रस्तावित सीटी स्कैन जैसी आधुनिक सेवाएं जोड़ी गई हैं। इसके अतिरिक्त आईसीयू, वेंटिलेटर और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की उपलब्धता से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उपचार व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हुई है।
डिजिटल व्यवस्था और मरीज सुविधा तंत्र
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में टोकन सिस्टम, ऑनलाइन पंजीकरण और डिजिटल रिपोर्ट जैसी सेवाएं लागू की गई हैं। इन व्यवस्थाओं से पंजीकरण प्रक्रिया सरल हुई है और मरीजों को रिपोर्ट प्राप्त करने में लगने वाला समय कम हुआ है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा 12 बेड की नवजात शिशु देखभाल इकाई शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में और विस्तार किया जा सकेगा।
प्रबंधन, टीम वर्क और प्रशासनिक दृष्टिकोण
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोपाल चौहान ने इस उपलब्धि का श्रेय अस्पताल के स्टाफ, प्रशासन और क्षेत्रीय सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टीम स्तर पर समन्वय के साथ कार्य किया गया है और आगे भी इसी दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग हो और मरीजों को व्यवस्थित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।