उना / खनन माफिया की बढ़ती सक्रियता, अवैध खनन पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई की आवश्यकता

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उना जिले में खनन माफिया का बढ़ता दबदबा

हिमाचल प्रदेश के उना जिले के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में खनन माफिया की सक्रियता ने प्रशासन को चिंतित कर दिया है। हाल ही में बर्शाला और बसलात क्षेत्र में अवैध खनन के बड़े मामले सामने आए हैं। खनन माफिया ने सरकारी और निजी जमीन को निशाना बनाते हुए 15 से 20 फीट गहरे गड्ढे खोदकर खनन सामग्री निकाली है। इस अवैध गतिविधि से सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।

प्रशासन की कार्रवाई और चुनौतियां

हालांकि, जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने अवैध खनन के खिलाफ सक्रियता दिखाई है। वे लगातार फील्ड में उतरकर कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन कुटलैहड़ क्षेत्र में खनन माफिया के अवैध कार्यों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

खनन विभाग की सख्ती

जिला खनन अधिकारी नीरज कांत ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है और आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा:

“प्राइवेट और सरकारी जमीन की पहचान के लिए डिमार्केशन की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद संबंधित जमीन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

साथ ही, क्रशर ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध सामग्री का उपयोग न करें। यदि ऐसा पाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भविष्य में सख्त कदम उठाने की योजना

खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए डिमार्केशन और फील्ड निरीक्षण जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष
खनन माफिया की बढ़ती सक्रियता न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि राज्य के राजस्व पर भी भारी असर डाल रही है। प्रशासन और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि इस समस्या पर जल्द ही काबू पाया जा सकेगा।