बिलासपुर जिले में तैयार हो रहा ऐतिहासिक पुल
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में प्रदेश का पहला स्टील सस्पेंशन तकनीक आधारित पुल बन रहा है, जो झंडुता उपमंडल के गोविंद सागर झील पर स्थित होगा। यह पुल नंद नग्रौं पुल के नाम से जाना जाएगा और इसका निर्माण कार्य जून महीने तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुल के निर्माण से यात्रा में आसानियां
झंडुता के विधायक जीतराम कटवाल ने इस पुल के महत्व को बताते हुए कहा कि इसके बनने से कोटार और झंडुता की बीच की दूरी करीब 15 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके साथ ही, इस पुल के माध्यम से चंडीगढ़ जाने के रास्ते में हमीरपुर और कांगड़ा के लोगों के लिए यात्रा में 60 किलोमीटर तक की दूरी कम हो जाएगी।
आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम
यह पुल कोट धार और झंडुता के बीच संपर्क को मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा, कोट धार क्षेत्र को जोड़ने वाले अन्य पुलों के साथ मिलकर यह क्षेत्र में यातायात और आवाजाही को सुगम बनाएगा। पुल के बनने से झंडुता और कोट धार के लोग एक दूसरे से आसानी से जुड़ सकेंगे, जिससे इन दोनों क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास की संभावना बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों का समर्थन और खुशी
स्थानीय निवासी सुमन प्रजापति ने इस पुल के निर्माण का स्वागत करते हुए कहा कि यह पुल झंडुता और कोटार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता बनेगा, जिससे आवाजाही और व्यापार में सुगमता होगी। साथ ही, इस पुल के बन जाने से दोनों क्षेत्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।

