किन्नौर में 60 कृषि प्रशिक्षण शिविरों की योजना, 1,800 किसानों-बागवानों तक पहुंचेगी वैज्ञानिक तकनीक
किन्नौर में किसानों और बागवानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ने वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत 60 प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर करीब 1,800 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। वैज्ञानिक खेतों और बगीचों का दौरा कर मौके पर समस्याओं का समाधान बताएंगे। केंद्र की ओर से 450 सलाहकार सेवाएं देने के साथ ग्रामीण युवाओं को कृषि और बागवानी से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
किन्नौर/रिकांग पीओ
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर की 21वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित प्रसार गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा हुई। एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन रिकांग पीओ में हुई बैठक की अध्यक्षता नौणी विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. धर्म पाल शर्मा ने की। प्रस्तावित कार्ययोजना के अनुसार प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से किसानों और बागवानों को नवीनतम कृषि तकनीक, उन्नत उत्पादन पद्धतियों तथा फसलों से जुड़ी समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान की जानकारी दी जाएगी।
खेतों और बगीचों में समस्याओं का अध्ययन करेंगे वैज्ञानिक
किसानों और बागवानों को समय के अनुरूप वैज्ञानिक मार्गदर्शन देने के लिए 450 सलाहकार सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना है। इसके अतिरिक्त 250 निदानात्मक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे और वैज्ञानिक किसानों के खेतों के भी 250 दौरे करेंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य खेतों और बगीचों में सामने आने वाली समस्याओं को मौके पर समझना और उनके वैज्ञानिक समाधान बताना है। कार्ययोजना में तीन खेत दिवस, एक समूह चर्चा, दो किसान संगोष्ठियां, एक किसान मेला और पांच प्रदर्शनियां आयोजित करना भी शामिल है।
कृषि विज्ञान केंद्र 10 विधि प्रदर्शनों के माध्यम से करीब 100 प्रतिभागियों को लाभान्वित करेगा। दो भ्रमण कार्यक्रमों से 50 प्रतिभागियों को अनुभवात्मक जानकारी देने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। ग्रामीण युवाओं को कृषि और बागवानी क्षेत्र से जोड़ने के लिए 10 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 200 युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है। कौशल विकास के लिए दो अलग प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे और इनमें कुल 40 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रौद्योगिकी सप्ताह और जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे
कार्ययोजना के तहत दो प्रौद्योगिकी सप्ताह आयोजित कर करीब 300 लोगों तक वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी पहुंचाई जाएगी। इसके साथ 15 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 450 लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में वैज्ञानिक संस्थानों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि किन्नौर की विशिष्ट भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप कृषि एवं बागवानी तकनीक किसानों तक पहुंचाई जा सके।
कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर की सह निदेशक डॉ. नीना चौहान ने बैठक का संचालन करते हुए 20वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति के निर्णयों और सुझावों पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र में कुल 16 पद स्वीकृत हैं और सभी पद भरे हुए हैं। बैठक में शिमला, अटारी लुधियाना और ताबो से जुड़े वैज्ञानिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। खंड विकास अधिकारी हिमांशी शर्मा, उप निदेशक बागवानी शमशेर सिंह नेगी और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुरु लाल नेगी सहित समिति के सदस्य तथा केंद्र के वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।