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किन्नौर में नवगठित व पुनर्गठित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियां अंतिम रूप से प्रकाशित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / रिकांगपिओ

किन्नौर जिले में नवगठित और पुनर्गठित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सूचियां संबंधित कार्यालयों में आम जनता के अवलोकन के लिए उपलब्ध करवाई गई हैं।

रिकांग पिओ

निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूची प्रकाशित
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), किन्नौर द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश के निर्देशों के अनुरूप नवगठित तथा पुनर्गठन या विभाजन से प्रभावित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों को अंतिम रूप प्रदान किया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान सभी आवश्यक चरणों का पालन किया गया और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया, ताकि आगामी चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

नवगठित और पुनर्गठित पंचायतें शामिल
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अमित कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कचरंग, रामणी, शिगर्चा, टापरी (जनकपुरी), शांगो, ब्रेलिंगी तथा थान पंगी जैसी नवगठित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियां प्रकाशित की गई हैं। इसके अतिरिक्त कटगांव, चगांव, नाथपा, रूपी, जानी, दूनी और पंगी जैसी पुनर्गठित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियां भी अंतिम रूप में जारी कर दी गई हैं, ताकि संबंधित क्षेत्रों के मतदाताओं का विवरण अद्यतन रूप में उपलब्ध हो सके।

अवलोकन के लिए उपलब्ध करवाई गई सूचियां
अधिकारियों के अनुसार हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियमों के तहत इन मतदाता सूचियों की प्रतियां संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालयों, पंचायत समितियों और जिला परिषद कार्यालय में आम जनता के अवलोकन के लिए उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके साथ ही निर्धारित प्रपत्र-15 भी निरीक्षण के लिए रखा गया है, जिससे मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों का सत्यापन कर सकते हैं और किसी त्रुटि की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

मतदाताओं से भागीदारी की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी ने क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की मतदाता सूचियों का अवलोकन अवश्य करें और अपने विवरण की पुष्टि करें। उन्होंने कहा कि समय रहते सत्यापन करने से भविष्य में होने वाली निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी सुगम होगी और मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सकेगा।