कुल्लू अस्पताल में प्रसूता मृत्यु मामले में स्टाफ नर्स निलंबित, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की विभागीय जांच
कुल्लू अस्पताल में प्रसूता की मृत्यु से जुड़े मामले में स्वास्थ्य विभाग ने एक स्टाफ नर्स को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू की है। यह कार्रवाई चिकित्सक अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जबकि मामले में पहले ही एक चिकित्सक के विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है।
कुल्लू
चिकित्सक अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
कुल्लू अस्पताल में प्रसूता रजनी शर्मा की मृत्यु से जुड़े मामले में स्वास्थ्य विभाग ने स्टाफ नर्स रेशमा को निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से बुधवार को निलंबन आदेश जारी किए गए। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अस्पताल के चिकित्सक अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर की गई है। विभाग ने मामले से संबंधित तथ्यों की जांच के लिए नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है।
पेशेवर आचरण से जुड़े आरोपों की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्टाफ नर्स रेशमा पर ड्यूटी के दौरान मरीज और तीमारदारों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा पेशेवर आचरण के विपरीत व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय डीडीयू अस्पताल, शिमला निर्धारित किया गया है और बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। विभाग ने उनके विरुद्ध केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के प्रावधानों के तहत विभागीय जांच शुरू कर दी है।
मामले में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इसी प्रकरण में इससे पहले डॉ. अनु को भी निलंबित किया जा चुका है और उनका मुख्यालय भी शिमला निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
अन्य पहलुओं की भी समीक्षा जारी
प्रसूता की मृत्यु के बाद अस्पताल परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स रेशमा और सोनिया के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग उठाई थी। वर्तमान में विभाग ने रेशमा के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। वहीं स्टाफ नर्स सोनिया से संबंधित मामलों की भी विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई संबंधित जांच प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।