कुल्लू का सिंदूरी अनार पहुंचा दुबई, 1.3 मीट्रिक टन की खेप निर्यात; 600 किसानों से जुड़े FPO ने खोला विदेशी बाजार का रास्ता
हिमाचल प्रदेश के बागवानी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ने की दिशा में कुल्लू के किसानों को बड़ी सफलता मिली है। जिले में उत्पादित सिंदूरी किस्म के 1.3 मीट्रिक टन अनार की खेप संयुक्त अरब अमीरात के दुबई निर्यात की गई है। भुंतर किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से किसानों से अनार एकत्र किए गए, जिससे करीब 600 किसान जुड़े हुए हैं। इससे पहले जून में शिमला के किसानों की चेरी और प्लम की खेप भी ओमान निर्यात की जा चुकी है।
कुल्लू/भुंतर
1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार दुबई रवाना
कुल्लू जिले में पैदा होने वाले सिंदूरी किस्म के अनार ने अब अंतरराष्ट्रीय बाजार की ओर कदम बढ़ाया है। जिले से 1.3 मीट्रिक टन अनार संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर को निर्यात किए गए हैं। प्रदेश सरकार इसे किसानों और बागवानों की उपज को विदेशी बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। अनार के निर्यात में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने सहयोग प्रदान किया। कुल्लू के अलग-अलग किसानों से अनार एकत्र करने और उन्हें निर्यात के लिए उपलब्ध करवाने में भुंतर स्थित किसान उत्पादक संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भुंतर FPO से जुड़े हैं करीब 600 किसान
भुंतर किसान उत्पादक संगठन से करीब 600 किसान जुड़े हुए हैं। दुबई भेजी गई अनार की खेप के लिए किसानों से उत्पाद इसी FPO के माध्यम से एकत्र किया गया। अनार की आपूर्ति करने वाले किसानों में रीना देवी, संजय कुमार, नितिश कुमार और वीर सिंह गुलेरिया शामिल हैं। किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से उपज को एकत्र कर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की यह पहल छोटे स्तर पर उत्पादन करने वाले किसानों के लिए भी बाजार के नए विकल्प उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सरकार का कहना है कि किसानों और बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए घरेलू बाजारों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शिमला की चेरी और प्लम भी पहुंच चुके हैं ओमान
हिमाचली फलों को विदेशी बाजार तक पहुंचाने की यह इस साल की पहली पहल नहीं है। इसी वर्ष जून में शिमला जिले के जड़ोल-टिक्कर और बागी क्षेत्रों के छह प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित फलों की पहली खेप ओमान निर्यात की गई थी। इस खेप में 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलोग्राम प्लम शामिल थे। अब कुल्लू के सिंदूरी अनार का दुबई निर्यात होने से हिमाचल के अलग-अलग फलों के लिए खाड़ी देशों में बाजार की संभावनाएं आगे बढ़ी हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन पर जोर
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किसानों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली फसलों और फलों की किस्मों की खेती करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश के फल वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार किसानों और बागवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उनकी उपज को प्रदेश और देश के विभिन्न बाजारों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में आवश्यक सहयोग दे रही है। कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के प्रयास भी इसी दिशा में किए जा रहे हैं।