नाहन के हनुमान मंदिर में मकर संक्रांति पर भजन-कीर्तन और भंडारा
Himachalnow / नाहन
हनुमान मंदिर में मकर संक्रांति का भव्य आयोजन
जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। काली स्थान तालाब के पास स्थित हनुमान मंदिर में भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया, जो इस दिन का विशेष महत्व रखता है।
श्रद्धालुओं ने किया पूजन और प्रसाद ग्रहण
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हनुमान मंदिर पहुंचे और भगवान के चरणों में शीश नवाया। खिचड़ी प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह परंपरा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मकर संक्रांति का महत्व और परंपराएं
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है। इस दिन को प्रकृति और सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है।
- खिचड़ी का महत्व: मकर संक्रांति के दिन चावल और मटर से बनी खिचड़ी को प्रसाद के रूप में ग्रहण और वितरित किया जाता है।
- धार्मिक आस्था: लोग घरों में दीये जलाकर पूजा-पाठ करते हैं और सूर्य देव की कृपा प्राप्त करते हैं।
- सामाजिक जुड़ाव: परिवार और मित्रों के साथ त्योहार मनाने से आपसी प्रेम और जुड़ाव बढ़ता है।
प्रकृति के प्रति आभार
मकर संक्रांति का त्योहार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। यह त्योहार सिखाता है कि हम अपने जीवन में प्राकृतिक संसाधनों का आदर करें और सामंजस्य से जीवन व्यतीत करें।