मंडी में HRTC कंडक्टर पर हमला, मामले में सात आरोपी नामजद, यूनियन ने दी हड़ताल की चेतावनी
Himachalnow / मंडी
मंडी जिले में एचआरटीसी के कंडक्टर के साथ मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद कर्मचारी संगठनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है।
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घटना का विस्तृत विवरण
जानकारी के अनुसार थुरल से जोगिंद्रनगर आ रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस शनिवार शाम एहजू के पास पहुंची, जहां सड़क संकरी होने के कारण सामने से आ रही दूसरी बस को पास देने के लिए चालक को वाहन पीछे करना पड़ा। इसी दौरान परिचालक ने खिड़की से पीछे आ रहे स्कूटी सवार युवकों को वाहन पीछे करने के लिए कहा। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और स्कूटी चालक ने परिचालक के साथ बहस के बाद मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उसने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया, जिन्होंने मिलकर परिचालक के साथ मारपीट की।
मारपीट और हस्तक्षेप की स्थिति
हमले के दौरान परिचालक को शारीरिक चोटें आईं और उसकी वर्दी भी क्षतिग्रस्त हो गई। बस में मौजूद यात्रियों ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और किसी तरह परिचालक को हमलावरों से अलग किया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट की स्थिति रिकॉर्ड हुई है और इसे जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
एफआईआर और पुलिस जांच
पुलिस के अनुसार इस मामले में मनोज कुमार और शिक्षक अजय कुमार सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि घटा पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सभी तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यूनियन की प्रतिक्रिया और आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद एचआरटीसी चालक और परिचालक यूनियन ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो 20 अप्रैल से प्रदेशभर में हड़ताल की जाएगी। इसके अलावा विरोधस्वरूप संबंधित रूट पर चलने वाली तीन बस सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद किया गया है और शिमला के पुराने बस अड्डे पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया।
दोनों पक्षों के बयान
घायल परिचालक ने आरोप लगाया कि उसके साथ बिना किसी गलती के मारपीट की गई और घटना के बाद उस पर समझौता करने का दबाव भी बनाया गया। दूसरी ओर, आरोपित पक्ष ने वायरल वीडियो को एकतरफा बताते हुए कहा कि विवाद की शुरुआत परिचालक की ओर से हुई थी और उन्होंने पहले ही अपनी स्कूटी साइड में खड़ी कर दी थी।
विधायक का स्पष्टीकरण
विधायक प्रकाश राणा ने इस मामले में स्पष्ट किया कि उनके ड्राइवर के बेटे की संलिप्तता के संबंध में लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के नाम जोड़े जा रहे हैं और यदि ऐसा जारी रहा तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
सुरक्षा और प्रशासनिक मांगें
घटना के बाद यूनियन ने प्रदेश सरकार से चालक और परिचालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने आवश्यक हैं, अन्यथा बस संचालन प्रभावित हो सकता है।