सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा देश के शीर्ष 25 जिला अधिकारियों में शामिल, फेम इंडिया सर्वे में मिली जगह
फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सर्वेक्षण में सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा को देश के शीर्ष 25 जिला अधिकारियों में स्थान मिला है। सर्वे में प्रशासनिक क्षमता, सुशासन, निर्णय क्षमता, संकट प्रबंधन और जनसंपर्क सहित 10 प्रमुख मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
सोलन
देश के शीर्ष 25 जिला अधिकारियों में मिली जगह
देश की प्रतिष्ठित पत्रिका फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा आयोजित ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के उपायुक्त मनमोहन शर्मा को देश के शीर्ष 25 जिला अधिकारियों में शामिल किया गया है। यह सर्वेक्षण देशभर के जिला अधिकारियों के प्रशासनिक प्रदर्शन, जनसेवा, विकास कार्यों के क्रियान्वयन और सुशासन के विभिन्न मानकों के आधार पर तैयार किया गया। सर्वे में मनमोहन शर्मा को ‘कर्तव्यनिष्ठ’ श्रेणी में स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि न केवल सोलन जिला बल्कि हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र के लिए भी उल्लेखनीय मानी जा रही है। सर्वेक्षण में शामिल अधिकारियों का मूल्यांकन उनके कार्यकाल के दौरान किए गए प्रशासनिक सुधारों, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसंपर्क और संकट प्रबंधन की क्षमता के आधार पर किया गया।
10 प्रमुख मानकों पर हुआ मूल्यांकन
फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जिला अधिकारियों का मूल्यांकन 10 प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया। इनमें प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शिता एवं नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, संकट प्रबंधन कौशल, जनसंवेदनशीलता, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क एवं संवाद क्षमता तथा विकासोन्मुख दृष्टिकोण शामिल रहे। सर्वेक्षण में यह भी देखा गया कि संबंधित अधिकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने, विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में कितने प्रभावी रहे। इन्हीं मानदंडों के आधार पर देशभर के अधिकारियों की रैंकिंग तैयार की गई।
वर्ष 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं मनमोहन शर्मा
मनमोहन शर्मा वर्ष 2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर से संबंधित हैं। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। नालागढ़ में उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) और सिरमौर जिला में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने जिला प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर काम किया। इसके अलावा प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, शहरी विकास निदेशक, शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में कार्मिक एवं वित्त निदेशक जैसे पदों पर भी अपनी सेवाएं दीं। विभिन्न विभागों में कार्य करते हुए उन्होंने प्रशासनिक सुधार, परियोजना प्रबंधन तथा संस्थागत समन्वय पर विशेष ध्यान दिया।
सोलन में जन शिकायत निवारण और राजस्व प्रशासन पर विशेष फोकस
सोलन के उपायुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, राजस्व प्रशासन को मजबूत बनाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने पर विशेष ध्यान दिया। नियमित जनसुनवाई कार्यक्रमों, राजस्व लोक अदालतों और फील्ड निरीक्षणों के माध्यम से लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना गया। विभिन्न विभागों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए तथा प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया। इसके साथ ही सरकारी भूमि की सुरक्षा, अवैध अतिक्रमण हटाने और राजस्व अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव के लिए भी कई प्रशासनिक कदम उठाए गए, जिससे भूमि प्रबंधन व्यवस्था में सुधार दर्ज किया गया।
फोरलेन परियोजना और पुनर्वास मामलों की नियमित समीक्षा
कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 फोरलेन परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों से संबंधित मामलों की भी जिला प्रशासन द्वारा नियमित समीक्षा की गई। परियोजना प्रभावित लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित की गईं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े विषयों पर भी जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न पहलें की गईं, जिनकी नियमित निगरानी उपायुक्त स्तर पर की जाती रही।
शिक्षा क्षेत्र में भी निभाई सक्रिय भूमिका
शिक्षा क्षेत्र में ‘अपना विद्यालय : हिमाचल स्कूल अडॉप्शन कार्यक्रम’ के तहत उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठों को गोद लिया। इस पहल के माध्यम से विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं के विकास, शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किए गए। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया गया।
आपदा प्रबंधन और पुनर्वास कार्यों में रही महत्वपूर्ण भूमिका
वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नालागढ़ क्षेत्र के सुनानी गांव में ‘मॉडल रेजिलिएंट विलेज’ परियोजना के तहत पुनर्निर्माण, आधारभूत ढांचे की बहाली और आजीविका सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्य शुरू किए गए। इसके साथ ही आपदा जोखिम न्यूनीकरण और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।
ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी
मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा तंत्र विकसित किया गया। महिला एवं बाल विकास से संबंधित कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मिशन वात्सल्य, पोषण अभियान और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की प्रगति पर भी विशेष निगरानी रखी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सहायता और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना रहा।
नशा रोकथाम अभियान में भी प्रशासनिक समन्वय
प्रदेश सरकार के नशा रोकथाम अभियान के तहत सोलन जिला में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। एंटी-ड्रग गतिविधियों की समीक्षा, जनजागरूकता अभियानों और विभागीय समन्वय के माध्यम से नशा रोकथाम से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाया गया। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर इस संबंध में समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती रही हैं।यह विस्तृत कार्यप्रणाली और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक योगदान ही उन प्रमुख कारणों में शामिल रहे, जिनके आधार पर मनमोहन शर्मा को फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सर्वेक्षण में देश के शीर्ष 25 जिला अधिकारियों में स्थान प्राप्त हुआ।