मार्कंडेय अस्पताल में तैयार होंगे दो सुविधायुक्त निजी कमरे, प्रतिदिन देना होगा 300 रुपये शुल्क
नागरिक अस्पताल मार्कंडेय में मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए दो निजी कमरे तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक कमरे का शुल्क 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में चिकित्सा सेवाओं के संशोधित शुल्क तय करने के साथ अस्पताल की मशीनरी, फर्नीचर, उपकरणों और मरम्मत कार्यों के लिए भी बजट मंजूर किया गया। क्यूआर कोड की व्यवस्था होने तक मरीजों से 10 रुपये का पर्ची शुल्क नहीं लिया जाएगा।
जुखाला/बिलासपुर
एसडीएम सदर राज कुमार की अध्यक्षता में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने से जुड़े कई निर्णय लिए गए। अस्पताल में बनने वाले प्रत्येक निजी कमरे में दो बेड, अटैच बाथरूम, टीवी, कूलर और हीटर उपलब्ध होंगे। अस्पताल परिसर में हैंडपंप लगाने तथा भवन की मरम्मत और रंग-रोगन के लिए भी बजट देने की बात कही गई। जिला परिषद अध्यक्ष लेख राम ठाकुर ने 10 सीमेंटेड बेंच और पांच सोलर लाइट, जबकि बीडीसी सदस्य रामपाल ठाकुर ने एक सोलर लाइट और चार स्टील डस्टबिन देने की घोषणा की।
क्यूआर कोड आने तक नहीं लगेगा पर्ची शुल्क
बैठक में 10 रुपये पर्ची शुल्क लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। समिति ने निर्णय लिया कि पर्ची शुल्क के भुगतान के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाएगी। यह सुविधा उपलब्ध होने तक मरीजों से पर्ची शुल्क नहीं लिया जाएगा। खुले पैसे नहीं होने के कारण मरीजों को पेश आने वाली परेशानी को देखते हुए डिजिटल भुगतान शुरू करने का फैसला किया गया। दंत चिकित्सा और अन्य सेवाओं के शुल्क भी संशोधित किए गए हैं, जिनमें दांत निकालने और डेंटल एक्स-रे के लिए 50-50 रुपये शुल्क तय किया गया है।
जीआईसी फिलिंग के लिए 100 रुपये, आरसीटी और स्केलिंग के लिए 250-250 रुपये तथा डेन्चर के लिए 3,000 रुपये शुल्क देना होगा। मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र का शुल्क 300 रुपये, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण का 1,000 रुपये और फार्मासिस्ट इंटर्नशिप का 2,000 रुपये निर्धारित किया गया है। एंबुलेंस सेवा के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क तय हुआ है। समिति ने अस्पताल की साफ-सफाई, वार्डों में बेडशीट नियमित रूप से बदलने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के विषय पर भी चर्चा की।
उपकरणों और मरम्मत कार्यों के लिए बजट मंजूर
रोगी कल्याण समिति ने मशीनरी खरीदने के लिए 6.13 लाख रुपये, कंप्यूटर, प्रिंटर और पंखों के लिए दो लाख रुपये तथा फर्नीचर के लिए 1.50 लाख रुपये मंजूर किए। वार्ड में गीजर व पिलर हीटर लगाने और दरवाजों की मरम्मत के लिए 1.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। दंत चिकित्सा और प्रयोगशाला सामग्री के लिए दो लाख रुपये, मशीनों की मरम्मत के लिए 70 हजार रुपये तथा एंबुलेंस के ईंधन और मरम्मत के लिए 50 हजार रुपये का प्रावधान किया गया।
इसके अतिरिक्त शल्य चिकित्सा सामग्री के लिए एक लाख रुपये, बेडशीट और कंबल के लिए 30 हजार रुपये, स्टेशनरी के लिए 98 हजार रुपये, विभिन्न मरम्मत कार्यों के लिए 3.40 लाख रुपये और आकस्मिक जरूरतों के लिए 1.08 लाख रुपये मंजूर किए गए। बैठक में बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा, अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रदीप शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष लेख राम ठाकुर, बीडीसी सदस्य रामपाल ठाकुर, विभिन्न विभागों के अधिकारी और अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।